सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां अंधविश्वास ने एक दंपति की जान ले ली। भैयाथान ब्लॉक के बसकर गांव में रात को सोते समय पति-पत्नी को सांप ने डस लिया, लेकिन समय पर इलाज की बजाय झाड़फूंक कराते रहे, जिससे उनकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, घटना के बाद परिजनों ने प्राथमिक उपचार की बजाय झाड़फूंक का सहारा लिया। इस दौरान दोनों की हालत बिगड़ती चली गई और इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि सर्पदंश की स्थिति में घबराना नहीं चाहिए और सबसे पहले पीड़ित को तत्काल अस्पताल ले जाकर एंटी-स्नेक वेनम (ASV) का इंजेक्शन लगवाना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, भारत में हर साल करीब 10 लाख सर्पदंश के मामले सामने आते हैं, जिनमें लगभग 58 हजार लोगों की मौत हो जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2030 तक इन मौतों की संख्या को आधा करने का लक्ष्य रखा है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि समय पर वैज्ञानिक इलाज न मिलना और अंधविश्वास में फंसे रहना जानलेवा साबित हो सकता है।

Author: Deepak Mittal
