क्या होता है पुनर्जन्म? आत्मा का ऐसा रहस्य जिसे विज्ञान भी आज तक पूरी तरह नहीं समझ पाया है। हिन्दू धर्म में पुनर्जन्म (Rebirth) को लेकर कई मान्यताएं हैं, जो न सिर्फ धर्मग्रंथों में वर्णित हैं बल्कि कई कथाओं और आधुनिक अनुभवों में भी सामने आई हैं।
आत्मा अमर है, शरीर नश्वर
भगवद गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है:
“नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि, नैनं दहति पावकः”
यानी आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं, न अग्नि जला सकती है।
मनुष्य मृत्यु के बाद अपने कर्मों के अनुसार पुनः जन्म लेता है — कभी मानव योनि में, कभी पशु के रूप में, और कभी किसी अन्य रूप में।
पुनर्जन्म से जुड़ी ये 9 चौंकाने वाली बातें जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे:
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हर आत्मा इंसान के रूप में नहीं लौटती: अगर किसी व्यक्ति के कर्म खराब हैं, तो अगला जन्म पशु, पक्षी या कीड़े के रूप में भी हो सकता है।
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बुरा क्यों होता है अच्छे लोगों के साथ? — इसका उत्तर पिछले जन्मों के अधूरे कर्मों में छिपा है। सुख और दुख दोनों पुराने कर्मों का फल हैं।
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84 लाख योनियों का सफर: हिन्दू मान्यता के अनुसार, आत्मा को मानव शरीर पाने के लिए 84 लाख योनियों से गुजरना पड़ता है। यही कारण है कि मानव जन्म को दुर्लभ माना गया है।
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मुक्ति सिर्फ मानव जीवन में संभव: केवल मनुष्य जीवन में आत्मा को मोक्ष प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
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मृत्यु के समय की भावना तय करती है अगला जन्म: जैसे राजा भरत हिरण के मोह में मृत्यु के समय खोए थे, तो अगले जन्म में हिरण बन गए।
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कुछ लोगों को याद रहते हैं अपने पिछले जन्म: महाभारत में शिखंडी और भीष्म जैसे पात्रों को पूर्व जन्म की बातें याद थीं।
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हर आत्मा को 7 बार पुरुष/स्त्री के रूप में जीवन मिलता है: मान्यता है कि आत्मा को बार-बार मौका मिलता है अपना भाग्य और कर्म सुधारने का।
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शरीर की मृत्यु पर आत्मा होती है मुक्त: शरीर के अंतिम संस्कार की परंपराएं आत्मा की मुक्ति और नए जीवन की तैयारी के लिए होती हैं।
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बॉलीवुड और हॉलीवुड भी पीछे नहीं: ‘कर्ज’, ‘करन-अर्जुन’, ‘नीलकमल’ से लेकर ‘The Reincarnation of Peter Proud’ तक — पुनर्जन्म पर कई फिल्में बन चुकी हैं।
पुनर्जन्म: आस्था या रहस्य?
हालांकि पश्चिमी देशों में इस धारणा को उतना स्वीकार नहीं किया जाता, लेकिन भारत सहित कई देशों में ऐसे केस देखने को मिले हैं जहां लोग अपने पिछले जन्म की बातें बता चुके हैं — जिन्हें विज्ञान भी नहीं नकार पाया है।
Author: Deepak Mittal










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