नई दिल्ली: अल-फलाह समूह से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दाखिल चार्जशीट पर अब अदालत में सुनवाई तय हो गई है। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने शनिवार को ईडी की दलीलें सुनने के बाद अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ दायर आरोप पत्र को विचार के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 31 जनवरी को होगी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) शीतल चौधरी प्रधान की अदालत में ईडी के विशेष लोक अभियोजक साइमन बेंजामिन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पक्ष रखा। ईडी ने अदालत को बताया कि चार्जशीट पर संज्ञान लेने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का स्पष्ट मामला बनता है। सुनवाई के दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी स्वयं अदालत में उपस्थित रहे।
ईडी के अनुसार, यह जांच दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज दो एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। इन एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े संस्थानों ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से मान्यता होने का झूठा दावा किया था। एजेंसी का आरोप है कि समाप्त हो चुके ग्रेड को गलत तरीके से प्रचारित कर छात्रों और अभिभावकों को गुमराह किया गया और इसी आधार पर प्रवेश बढ़ाकर फीस वसूली गई।
प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत को यह भी बताया कि पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत जांच के दौरान संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया गया है। ईडी का कहना है कि वित्तीय विश्लेषण से यह संकेत मिलता है कि संबंधित अवधि में जुटाई गई धनराशि कथित गलत बयानी से जुड़ी हुई है, जिसे अपराध की आय माना जा सकता है।
जांच के दौरान कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाए गए, जिनमें नकदी, डिजिटल उपकरण और महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज बरामद हुए। ईडी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अनुबंध आरोपी के परिवार से जुड़े संगठनों को स्थानांतरित किए गए और प्रमुख वित्तीय फैसलों में जवाद अहमद सिद्दीकी की भूमिका रही।
इससे पहले अदालत ने ईडी की हिरासत की मांग को स्वीकार करते हुए कहा था कि अपराध से अर्जित धन का पता लगाने, संपत्ति के दुरुपयोग को रोकने और सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका को देखते हुए पूछताछ आवश्यक है। वहीं, सिद्दीकी के वकील ने हिरासत का विरोध करते हुए सहयोग का दावा किया था, लेकिन अदालत ने आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए ईडी की दलीलों को उचित माना।
अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में 31 जनवरी को अदालत द्वारा चार्जशीट पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
Author: Deepak Mittal










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