छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में ध्वनि प्रदूषण से संबंधित मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि वे पूर्व में शासन द्वारा दायर शपथपत्र का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और आवश्यक कार्रवाई करें।
शासन की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 में संशोधन की प्रक्रिया जारी है। इस संबंध में शासन की एक समिति ने बैठक कर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को आवश्यक संशोधनों का प्रारूप तैयार करने का निर्देश दिया था।
पर्यावरण मंडल ने संशोधन का प्रारूप तैयार कर 13 अगस्त 2025 को आवास एवं पर्यावरण विभाग को प्रेषित किया। इसके बाद 14 अगस्त को आयोजित बैठक में समिति ने प्रस्तुत मसौदे की समीक्षा की। विभिन्न विभागों के सदस्यों व प्रतिनिधियों से अनुरोध किया गया कि वे अपने-अपने सचिवों से अनुमोदन एवं टिप्पणियाँ प्राप्त कर 25 सितंबर 2025 को निर्धारित बैठक में प्रस्तुत करें, ताकि मसौदे को अंतिम रूप दिया जा सके।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के मद्देनज़र अधिनियम में संशोधन की कार्रवाई आवश्यक है। शपथपत्र से यह भी स्पष्ट हुआ कि मामला वर्तमान में गृह विभाग के समक्ष विचाराधीन है और विभाग आवश्यक कदम उठाएगा।
अगली सुनवाई 16 अक्टूबर 2025 को निर्धारित की गई है।
Author: Deepak Mittal










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