MCLR रेट में कटौती, EMI होगी कम और लोन चुकाने में मिलेगी राहत
देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC Bank ने अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है। बैंक ने अपने MCLR (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट) में 0.05% यानी 5 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। इस फैसले से लाखों होम लोन, ऑटो लोन और अन्य रिटेल लोन वाले ग्राहकों को बड़ा लाभ मिलेगा।
यह कदम RBI द्वारा रेपो रेट को 5.50% से घटाकर 5.25% करने के बाद उठाया गया है।
नया MCLR रेंज क्या है?
HDFC Bank का नया MCLR अब:
8.30% से 8.55%
(पहले यह 8.35% से 8.60% था)
इस कमी से ग्राहकों की EMI कम हो सकती है या लोन की अवधि घट सकती है।
किसको फायदा मिलेगा?
यह बदलाव उन सभी ग्राहकों के लिए राहत लेकर आया है जिनके लोन जुड़े हैं:
-
MCLR (Marginal Cost Lending Rate)
-
RLLR (Repo Linked Lending Rate)
-
RBLR (Repo Based Lending Rate)
दरें कम होने से:
✔ EMI कम होगी
या
✔ लोन की अवधि घटेगी
दोनों ही स्थिति में ग्राहक की जेब पर बोझ कम पड़ेगा।
MCLR क्या होता है?
MCLR वह न्यूनतम ब्याज दर है जिसके नीचे कोई बैंक लोन नहीं दे सकता।
RBI ने इसे 2016 में लागू किया था ताकि ब्याज दरें ज्यादा पारदर्शी हों।
रेपो रेट में बदलाव का असर धीरे-धीरे MCLR पर पड़ता है, इसलिए RBI की कटौती के बाद HDFC Bank ने भी अपनी दरें घटा दीं।
7 दिसंबर 2025 से लागू नए MCLR रेट
| अवधि | नया MCLR | पुराना MCLR |
|---|---|---|
| ओवरनाइट | 8.30% | 8.35% |
| 1 महीना | 8.30% | 8.35% |
| 3 महीने | 8.35% | 8.40% |
| 6 महीने | 8.40% | 8.45% |
| 1 साल | 8.45% | 8.50% |
| 2 साल | 8.50% | 8.55% |
| 3 साल | 8.55% | 8.60% |
HDFC Bank का यह फैसला लाखों ग्राहकों के लिए बड़ी राहत है। बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आने वाले महीनों में महंगाई नियंत्रण में रहती है तो ब्याज दरों में और कटौती संभव है।
ग्राहकों के लिए फिलहाल यह बेहतरीन समय है अपने लोन को री-शेड्यूल करने या ब्याज दरों का लाभ उठाने का।
Author: Deepak Mittal










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