सारंगढ़-बिलाईगढ़: शेयर मार्केट में पैसा डबल करने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाला रायकोना का कुख्यात महाठग शिवा साहू एक बार फिर पुलिस और कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देता नजर आ रहा है। उच्च न्यायालय से जमानत मिलते ही शिवा ने ऐसा खेल रचा कि पुलिस और बैंकिंग सिस्टम दोनों हिल गए। फर्जी लेटरपैड, नकली सील और दस्तावेजों के सहारे उसने होल्ड बैंक खातों से 31 लाख रुपये निकाल लिए, जिससे पूरे मामले ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया है।
शेयर मार्केट के नाम पर करोड़ों की ठगी
गौरतलब है कि शिवा साहू ने “शेयर मार्केट में पैसा डबल” करने का लालच देकर सरसींवा, सारंगढ़-बिलाईगढ़, बलौदाबाजार, सक्ती, रायगढ़ समेत कई जिलों के हजारों लोगों से करोड़ों रुपये ठग लिए थे। ठगी की रकम से उसने आलीशान मकान, लग्जरी कारें और महंगी संपत्तियां खड़ी कर ली थीं।
पीड़ितों की शिकायत पर सरसींवा पुलिस ने शिवा साहू को उसके साथियों सहित गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उस दौरान ठगी से अर्जित संपत्तियां जब्त कर बैंक खातों को होल्ड कर दिया गया था।
थाने के फर्जी लेटरपैड से बैंक को गुमराह किया
जमानत पर बाहर आते ही शिवा साहू के हौसले और बुलंद हो गए। पुलिस के मुताबिक, उसने सरसींवा थाने के नाम से फर्जी लेटरपैड तैयार कराया, जिस पर नकली सील और जाली दस्तखत किए गए।
इन फर्जी दस्तावेजों को जमानत से जुड़े कागजातों के साथ जोड़कर बैंक को यह भ्रम दिया गया कि पुलिस ने होल्ड खाते खोलने की अनुमति दे दी है।
एचडीएफसी बैंक से निकाले गए 31 लाख
इस शातिर योजना के तहत—
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डिगम जोल्हे के नाम पर जमा 10 लाख रुपये,
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कथित गर्लफ्रेंड ऋतु साहू और उसके पिता चंद्रहास साहू के खातों में जमा 21 लाख रुपये,
कुल 31 लाख रुपये एचडीएफसी बैंक से निकाल लिए गए।
यह मामला सिर्फ ठगी नहीं, बल्कि सरकारी दस्तावेजों की कूट रचना और न्यायिक प्रक्रिया से धोखाधड़ी का भी गंभीर अपराध माना जा रहा है।
तीन गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार
फर्जीवाड़े का खुलासा होते ही सरसींवा पुलिस हरकत में आई। डिगम जोल्हे, ऋतु साहू और चंद्रहास साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी शिवा साहू फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
जमानत के बाद फिर खड़ी की संपत्तियां
सूत्रों के मुताबिक, जमानत मिलते ही शिवा साहू ने अपने रिश्तेदारों और साथियों के नाम पर मकान, कार और ट्रैक्टर खरीदे। इससे साफ है कि वह ठगी की रकम को एक बार फिर सुरक्षित ठिकानों में खपाने की कोशिश कर रहा है।
पीड़ितों में आक्रोश, न्याय की आस
इस नए खुलासे के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। पीड़ितों को डर है कि कहीं उनकी मेहनत की कमाई फिर से हाथ से न निकल जाए। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जमानत के बाद भी ऐसा अपराध कैसे अंजाम दिया गया।
Author: Deepak Mittal










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