झगड़ा छुड़ाना पड़ा भारी! बीच-बचाव करने गए ग्रामीण पर टूटा कहर, धारदार हथियारों से जानलेवा हमला

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बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक मामूली विवाद को शांत कराने गया ग्रामीण खुद ही हिंसक हमले का शिकार बन गया। कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम पौसरा में 3 जनवरी 2026 की शाम यह खौफनाक घटना हुई, जहां झगड़ा छुड़ाने पहुंचे व्यक्ति पर आरोपियों ने डंडा, चाकू और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए कोनी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी को न्यायिक रिमांड पर भेजने की तैयारी की जा रही है।

 झगड़ा शांत कराने गया था, खुद लहूलुहान हो गया

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी धरमलाल भार्गव ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि मोहल्ले में संदीप भार्गव और संजय सोनी के बीच विवाद हो रहा था। जब धरमलाल बीच-बचाव करने पहुंचा, तो संदीप भार्गव भड़क गया और डंडे से उसके सिर पर वार कर दिया।

इतना ही नहीं, संदीप ने अपने भाई अमन दीप भार्गव और अनिकेत भार्गव को मौके पर बुला लिया। इसके बाद तीनों ने मिलकर गाली-गलौज करते हुए लोहे की नुकीली और धारदार वस्तुओं से हमला कर दिया। इस हमले में धरमलाल के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।

 बीच-बचाव करने आए लोग भी नहीं बचे

हमले के दौरान जब वीरेंद्र भार्गव, ऋषि भार्गव और दीपक भार्गव बीच-बचाव करने आए, तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

 पुलिस की त्वरित कार्रवाई, हथियार जब्त

कोनी थाना पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 05/26 दर्ज करते हुए धारा 296, 115(2), 351(2), 118(1), 3(5) बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धारा 25 व 27 के तहत केस दर्ज किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—

  • संदीप भार्गव (25 वर्ष)

  • अमन दीप भार्गव (26 वर्ष)

  • अनिकेत भार्गव (20 वर्ष)
    (तीनों निवासी ग्राम पौसरा)

पुलिस ने मौके से डंडा, ब्लेड और चाकू भी जब्त किए हैं। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया है।

 पुलिस की चेतावनी और अपील

थाना प्रभारी ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में हथियारों के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर पुलिस बेहद गंभीर है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद की सूचना तुरंत पुलिस को दें और खुद जोखिम उठाकर हस्तक्षेप न करें

 सबक देने वाली घटना

यह घटना साफ तौर पर बताती है कि झगड़ा छुड़ाने की कोशिश भी जानलेवा साबित हो सकती है, खासकर तब जब सामने वाला पक्ष आक्रोशित और हथियारों से लैस हो। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस हमले के पीछे कोई पुरानी रंजिश या पूर्व साजिश तो नहीं थी।

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Author: Deepak Mittal

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