पूर्व विधायक द्वारा स्वीकृत राशि का नहीं हुआ उपयोग, प्राचार्या पर मनमानी के आरोप, प्रशासन मौन
रायगढ़ नवभारत टाइम्स 24×7 शैलेश शर्मा
इंदिरा गांधी शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पत्थलगांव में अध्ययनरत छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय भवन जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है, जहां हर दिन किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद न तो भवन की मरम्मत करवाई गई और न ही जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम उठाए गए हैं।
हाल ही में विद्यालय की छत से गिरे मलबे से एक छात्रा बाल-बाल बची। सिर पर चोट आई, मगर मामला बाहर न जाए, इसलिए छात्रा को चुप रहने की हिदायत दी गई। घटना की रिपोर्ट न तो उच्च अधिकारियों को दी गई और न ही अभिभावकों को सूचना दी गई।
सूत्रों के अनुसार, विद्यालय की मरम्मत हेतु पूर्व में लाखों की राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन विद्यालय भवन की स्थिति जस की तस है। जब आरटीआई के माध्यम से आय-व्यय की जानकारी मांगी गई, तो अधूरी और भ्रमित जानकारी प्रदान की गई। इस संबंध में प्राचार्या से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने प्रतिक्रिया नहीं दी।
विद्यालय के शिक्षकों पर आरोप है कि वे शैक्षणिक समय में निजी व्यवसाय, नेटवर्क मार्केटिंग, हर्बल उत्पाद बिक्री एवं संपत्ति दलाली जैसे कार्यों में संलग्न रहते हैं। स्थानीय अभिभावकों और छात्रों का आरोप है कि विद्यालय में अनुशासन और शिक्षण व्यवस्था दोनों प्रभावित हैं।
शिक्षकों की अनुपस्थिति और परीक्षा के समय भी लापरवाही के मामले सामने आए हैं। आरोप है कि इस सब पर विद्यालय प्राचार्या की सहमति अथवा मौन समर्थन प्राप्त है।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी निजी व्यवसाय में संलग्न पाया जाए, तो उस पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। मगर पत्थलगांव विद्यालय में ऐसी शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि संबंधित अधिकारी मौन क्यों हैं?
Author: Deepak Mittal










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