
निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली 8959931111
सरगांव- दीपावली के पावन पर्व पर नगर में धूमधाम से गौरी-गौरा बारात निकाली गई जिसमें नगरवासी श्रद्धा और आस्था के रंग में पूरी तरह डूब गए। वहीं शाम पारंपरिक गोवर्धन पूजा नगर के धूमेश्वरी मंदिर समीपस्थ आयोजित की गई जिसमें हजारों भक्तों ने भाग लिया।
बारात की शुरुआत सुबह से ही हुई, जिसमें रंग-बिरंगे परिधानों में सजी गौरी-गौरा की प्रतिमाएं नगर की प्रमुख सड़कों व गलियों से गुजरीं। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नाचते-गाते लोग बारात में शामिल हुए।

सायं धूमेश्वरी मंदिर के समीप गोवर्धन पूजा का मुख्य आयोजन शुरू हो गया। यहां भगवान कृष्ण के विशाल गोवर्धन स्वरूप की पूजा की गई, जिसमें गायों की पूजा और अनाज की छोटी-छोटी प्रतिमाएं बनाकर दान किया गया।

नगरवासी झूम-झूमकर भजन गाते नजर आए, जो आस्था का अनोखा संगम दर्शा रहा था।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रमुख अतिथियों ने नगरवासियों को संबोधित किया।

महामाया समिति के अध्यक्ष शिव पांडेय ने कहा, “यह आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखने का माध्यम है। गोवर्धन पूजा हमें प्रकृति संरक्षण और भक्ति का संदेश देती है। सभी नागरिकों से अपील है कि वे ऐसे पर्वों को उत्साह से मनाएं।”
नगर पंचायत अध्यक्ष परमानंद साहू ने अपने वक्तव्य में बताया, “नगर में ऐसे धार्मिक आयोजनों से सामाजिक एकता मजबूत होती है। हम प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग देंगे।”
वहीं, मंडल अध्यक्ष पोषण यादव
ने जोर देकर कहा, “गौरी-गौरा बारात और गोवर्धन पूजा जैसे कार्यक्रम युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। हमें इन परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना होगा।”

पूजा समिति के वरिष्ठ बलदाऊ वर्मा ने कहा,“यह बारात और पूजा हमारी परंपराओं को मजबूत करती है, जो समुदाय को एकजुट रखती है।”
बाबा परेटन गिरी ने आशीर्वाद देते हुए कहा, “भगवान गोवर्धन की कृपा से यह पर्व सभी के जीवन में सुख-शांति लाए। भक्ति से ही हमारी संस्कृति अटल रहेगी।”

आयोजन में स्थानीय कलाकारों ने लोक नृत्य,और भक्ति गीत प्रस्तुत किए, साथ ही यादव समाज के बाजा और दोहे के समावेश से माहौल और भी भक्तिमय हो गया।
इस अवसर पर बलदाऊ वर्मा, बाबा परेटन गिरी, ललित यादव, परसराम साहू, कमलेश अग्रवाल, पंडित खंडेश्वर तिवारी, महेश साहू, मनोज यादव, रामकुमार कौशिक,तरुण अग्रवाल, पंकज वर्मा, भोजराज साहू, संतोष भारती,सहित जनप्रतिनिधिगण, भक्तगण,सामाजिक बंधु व नगरवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

समापन पर प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह पर्व नगर में हर्षोल्लास का वातावरण बना रहा, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाता है।
Author: Deepak Mittal










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