बीजापुर :बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में आई भीषण बाढ़ ने एक बार फिर जानलेवा रूप दिखाया है। भैरमगढ़ ब्लॉक के चिंगेर गांव में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में दो मासूम छात्राएं बाढ़ के पानी में बह गई थीं, जिनके शव पांच दिन बाद झाड़ियों में फंसे मिले। इस खबर ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है।
क्या हुआ था हादसे वाले दिन?
घटना नेलागोंडा घाट की है, जहां चिंगेर गांव के ग्रामीण नाव से बाढ़ का पानी पार कर रहे थे। उसी दौरान नाव अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। नाव में सवार कक्षा 5वीं की दो छात्राएं तेज बहाव में बह गईं और देखते ही देखते नज़रों से ओझल हो गईं।
नगर सेना को नहीं मिला था कोई सुराग
घटना के तुरंत बाद सूचना मिलने पर नगर सेना की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया गया। हालांकि, लगातार सर्चिंग के बावजूद 5 दिनों तक बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिला।
5 दिन बाद झाड़ियों में मिले शव
शनिवार को ग्रामीणों की नजर झाड़ियों में फंसे दो शवों पर पड़ी, जिसके बाद नगर सेना को सूचना दी गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। शवों की पहचान कक्षा 5वीं में पढ़ने वाली छात्राओं के रूप में हुई है।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे शव
नगर सेना और पुलिस प्रशासन द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसके बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया जाएगा। गांव में मातम का माहौल है और हर आंख नम है।
यह केवल एक हादसा नहीं, एक चेतावनी है
यह घटना नदी पार करने की लापरवाह कोशिश और सुरक्षा के अभाव की एक बड़ी कीमत बनकर सामने आई है। लगातार बाढ़ के हालातों में बगैर सुरक्षा उपायों के नाव से यात्रा करना जानलेवा साबित हो रहा है। प्रशासन और ग्रामीणों दोनों के लिए यह घटना एक सबक है।

Author: Deepak Mittal
