नई दिल्ली: नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद देशभर में हड़कंप मच गया है। दो महीने पहले उज्जैन में पकड़े गए नकली नोट मामले की कड़ियां अब देश के कई राज्यों से जुड़ती नजर आ रही हैं। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि महज दो महीनों के भीतर नकली नोटों से जुड़े वीडियो और प्रचार सामग्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर अलग-अलग मोबाइल नंबरों के जरिए कैसे और किस गिरोह द्वारा वायरल की गई।
सूत्रों के मुताबिक, इंटेलिजेंस ब्यूरो समेत अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि कौन-सा गिरोह खुलेआम मोबाइल नंबरों के साथ नकली नोटों का प्रचार-प्रसार कर रहा है। वहीं, उज्जैन (मध्यप्रदेश) और छत्तीसगढ़ पुलिस दो महीने पहले गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क और लिंक को खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक देशभर में कितने नकली नोट खपाए जा चुके हैं और किन-किन शहरों में इसकी सप्लाई हुई है।
बताया जा रहा है कि मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, सूरत, फरीदाबाद, अहमदनगर, हैदराबाद, रायपुर, कोलकाता और रांची जैसे बड़े शहरों में बड़े पैमाने पर नकली नोट के कारोबारी पकड़े जाने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसियों का दावा है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया जाएगा।
उज्जैन से शुरू हुआ था मामला
नकली नोटों का यह मामला करीब दो महीने पहले उज्जैन में सामने आया था। क्राइम ब्रांच और चिमनगंज मंडी थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हिमांशु उर्फ चीनू गोजर (निवासी घाट कॉलोनी) और दीपेश चौहान (निवासी शिवगंगा कॉलोनी) के रूप में हुई थी। वहीं, इंदौर निवासी राजेश बर्बते इस मामले में अब भी फरार बताया जा रहा है।
उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि आरोपियों ने बड़ी प्रिंटिंग मशीन की मदद से ₹500 के नकली नोट छापे और उन्हें बाजार में चलाने की कोशिश की। पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर में नकली नोटों का प्रसार हो रहा है, जिसके बाद निगरानी और घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
17.5 लाख रुपये के नकली नोट जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब ₹17.5 लाख मूल्य के नकली ₹500 के नोट बरामद किए। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे पिछले कुछ महीनों से नकली नोट छाप रहे थे और इसे बड़े पैमाने पर बाजार में खपाने की योजना बना चुके थे।
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि इस कार्रवाई से नकली नोटों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और शहर की आर्थिक सुरक्षा को मजबूती मिली है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि किसी को भी संदिग्ध नोट मिले, तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें। पुलिस का कहना है कि नकली नोट का कारोबार गंभीर अपराध है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Author: Deepak Mittal










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