विश्व सिकलसेल दिवस पर जनजागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन
सिकलसेल से बचाव के लिए प्रभावी उपाय अपनाने पर दिया गया जोर
निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली 8959931111
मुंगेली- विश्व सिकलसेल दिवस के अवसर पर मुंगेली विकासखण्ड के ग्राम दशरंगपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि हर व्यक्ति को अपना सिकल सेल जांच कराना चाहिये और यदि व्यक्ति सिकल सेल से ग्रसित है, तो उसे घबराना नहीं चाहिये।
सिकलसेल से बचने के लिए समय पर जांच, परामर्श, विवाह पूर्व परीक्षण और सतत स्वास्थ्य निगरानी जैसे उपायों को अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने आमजनों को मौसमी बीमारियों से बचाव के संबंध में भी जानकारी दी और बच्चों को ओ.आर.एस पैकेट व हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड का वितरण किया।

पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कहा कि सिकलसेल जैसे अनुवांशिक रोग के प्रति आम जनता को जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने आमजनों से कहा कि समय रहते सिकलसेल की जांच कराकर स्वयं व समाज को सुरक्षित बनाएं। जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय ने कहा कि सिकल सेल के बारे में लोगों को जागरूक और समझ बढ़ाने के लिए हर साल 19 जून को विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस मनाया जाता है।

इस दौरान कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा जिला पंचायत सीईओ ने एक पेड़ मां के नाम के तहत वृक्षारोपण किया और पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभातचंद्र प्रभाकर ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया एक वंशानुगत बीमारी है, जो माता-पिता से जीन के माध्यम से बच्चों में स्थानांतरित होती है।
यह लाल रक्त कोशिकाओं के आकार को प्रभावित करता है।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक गिरीश कुर्रे ने बताया कि जिले में 31 जुलाई तक स्टॉप डायरिया कैंपेन का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान सिकलसेल से पीड़ित रोगियों ने अपने अनुभव भी साझा किए, जिससे बीमारी की वास्तविकता समझने में मदद मिली। इस अवसर पर खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ज्वाला प्रसाद कौशिक सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के समस्त स्टाफ, मितानिन, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक व ग्रामीणजन उपस्थित थे।

Author: Deepak Mittal










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