Crime News : डॉक्टर को लगाया 64 लाख का चूना…IFS अधिकारी पर धोखाधड़ी का आरोप

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Crime News: निवेश के बहाने एक डॉक्टर से 64 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने के आरोप में भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी और उनके पति के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. थाना प्रभारी राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मामले में अदालत के आदेश पर गुरुवार को गोमती नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी.

IFS अधिकारी निहारिका सिंह पर आरोप

अपनी शिकायत में डॉ. मृदुला अग्रवाल ने लखनऊ में  IFS अधिकारी निहारिका सिंह, उनके पति अजीत गुप्ता और उनसे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ 64,63,250 रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया.

420 के तहत मामला दर्ज
2 से 29 फरवरी, 2020 के बीच हुए अपराध के लिए आईपीसी की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. एफआईआर के मुताबिक जिन लोगों पर मामला दर्ज किया गया है उनमें अजीत गुप्ता, उनकी पत्नी निहारिका सिंह, अनी बुलियन ट्रेडर्स और आई विजन इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड शामिल हैं.

क्लिनिक में हुई थी जान-पहचान
अपनी शिकायत में गोमती नगर निवासी 54 वर्षीय डॉ. अग्रवाल ने कहा कि उनकी दंपति से जान-पहचान 2016 में हुई जब वे अपनी बेटी को उनके क्लिनिक में इलाज के लिए लाए थे.

ज्यादा रिटर्न का झांसा देकर कराया निवेश
उनका दावा है कि उन्होंने उन्हें अन्य निवेश विकल्पों की तुलना में बेहतर रिटर्न का आश्वासन देते हुए अपनी कंपनी अनी बुलियन ट्रेडर्स में निवेश करने के लिए राजी किया.

उनके दावों पर विश्वास करते हुए, डॉक्टर ने अगस्त 2016 में कई चेक के माध्यम से अनी बुलियन ट्रेडर्स में कुल 51 लाख रुपये का निवेश किया. अग्रवाल ने आरोप लगाया कि स्टांप पेपर पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे और निवेश के प्रमाण के रूप में उन्हें पोस्ट-डेटेड चेक जारी किए गए थे.

शुरू में हुआ लाभ
डॉ. अग्रवाल ने अपनी शिकायत में कहा कि शुरुआत में उन्हें लाभ हुआ. डॉ. अग्रवाल ने कहा, ‘मुझे अगस्त 2018 तक बिना किसी रुकावट के अपना रिटर्न मिलता रहा. हालांकि, फरवरी 2019 के बाद, मुझे बताया गया कि मेरा निवेश दूसरी कंपनी, आई विजन इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी में ट्रांसफर कर दिया गया है और मेरा पैसा बिल्कुल सेफ है.’

जनवरी 2020 तक भुगतान प्राप्त करने के बावजूद, डॉक्टर ने बताया कि फरवरी 2020 के बाद सभी भुगतान बंद हो गए. जब ​​उन्होंने कंपनी से संपर्क किया तो कर्मचारियों ने उन्हें सूचित किया कि अजीत गुप्ता और अन्य पुलिस हिरासत में हैं.

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Author: Deepak Mittal

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