रायपुर।छत्तीसगढ़ में जिला खनिज निधि (DMF) घोटाले की गूंज एक बार फिर तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को राज्यभर में 28 ठिकानों पर एक साथ बड़ी कार्रवाई की।
इस दौरान एजेंसी के हाथ लगे 4 करोड़ रुपये नकद, 10 किलो चांदी के जेवर, ढेरों आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा
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जांच में पता चला कि 350 करोड़ रुपये से ज्यादा का खेल हुआ है।
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DMFT फंड से निकली ये रकम छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड (बीज निगम) के जरिए ठेकेदारों और विक्रेताओं तक पहुँची।
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कृषि उपकरण, मिनी दाल मिल और बीज आपूर्ति के नाम पर अनुबंध दिए गए।
60% तक कमीशन का खेल
ईडी का आरोप है कि ठेकेदारों को मिली राशि में से 60% तक कमीशन और रिश्वत के रूप में वसूली गई।
यह रकम बिचौलियों के जरिए सरकारी अधिकारियों और उनके करीबी सहयोगियों तक पहुँचाई जाती थी।
जांच जारी… और हो सकते हैं बड़े खुलासे
ईडी फिलहाल जब्त दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की जांच कर रही है। एजेंसी को शक है कि यह रकम सिर्फ कृषि क्षेत्र ही नहीं, बल्कि अन्य प्रोजेक्ट्स में भी डायवर्ट की गई हो सकती है।
छापेमारी के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक हलचल मची हुई है।
क्या यह घोटाला राज्य की सबसे बड़ी फंड हेराफेरी में से एक साबित होगा?

Author: Deepak Mittal










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