जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक सम्पन्न, प्रशासन ने की गाइडलाइन जारी
कलेक्टर ने की शांति एवं सौहार्द्र के साथ त्यौहार मनाने की अपील
महिलाओं, बहनों की सुरक्षा के साथ एक शांत वातावरण बनाना इस बैठक का मुख्य उद्देश्य – कलेक्टर
निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली 8959931111
मुंगेली- आगामी त्यौहारों को शांति, सौहार्द्र और उल्लास के साथ मनाने की दृष्टि से आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर कुन्दन कुमार ने की। उन्होंने आमजनों से शांति एवं सौहार्द्र के साथ त्यौहार मनाने की अपील है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बहनों की सुरक्षा के साथ एक शांत वातावरण बनाना इस बैठक का मुख्य उद्देश्य है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, अतिरिक्त कलेक्टर राजेन्द्र गुप्ता तथा अपर कलेक्टर जी.एल. यादव भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय एवं उपाध्यक्ष शांति देवचरण भास्कर, नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, समाजसेवी, पत्रकार और प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कलेक्टर ने कहा कि जिले में तीजा से लेकर देवउठनी तक कई पर्व और धार्मिक आयोजन होते हैं। इन पर्वों का आनंद सभी लोग सौहार्द्र और भाईचारे के साथ ले सकें, इसके लिए प्रशासन द्वारा व्यापक रूपरेखा तय की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंडाल निर्माण यातायात में बाधा उत्पन्न न करे, अस्पताल और स्कूल जैसे महत्वपूर्ण स्थान प्रभावित न हों, इसका विशेष ध्यान रखना होगा। सभी आयोजनों के लिए संबंधित अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य रहेगा। साथ ही, प्रत्येक पंडाल में सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा व्यवस्था, डस्टबिन और साफ-सफाई की व्यवस्था होना जरूरी है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों व समाज के प्रमुख लोगों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि त्यौहार सभी वर्गों का सामूहिक उत्सव हैं। नियमों के पालन से ही सौहार्द्र का वातावरण बनेगा और सभी नागरिक सुरक्षित माहौल में त्योहारों का आनंद ले पाएँगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन द्वारा कड़ी कार्यवाही भी की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मूर्ति स्थापना से लेकर विसर्जन तक पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहेगा। विसर्जन जुलूस उसी मार्ग से जाएंगे जो प्रशासन द्वारा निर्धारित किया गया है। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के लिए अनुमति आवश्यक होगी तथा रात 10 बजे से सुबह 05 बजे तक किसी भी प्रकार की डीजे या आतिशबाजी पर रोक रहेगी। इसके साथ ही 70 डी.बी.ए. तक की सीमा के साथ साउण्ड लिमिटर के बिना उपयोग करना आवश्यक है। आपत्तिजनक या अशोभनीय गाने बजाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कार्यक्रम में मूर्ति स्थापना से लेकर विसर्जन तक किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र व हथियार का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही जिले में किसी भी प्रकार की रैली में अस्त्र-शस्त्रों व हथियारों का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि केवल मिट्टी की बनी हुई मूर्तियाँ स्थापित की जाएँगी, पीओपी की मूर्तियाँ प्रतिबंधित रहेंगी। आयोजन स्थल पर नशा और मादक पदार्थों का सेवन सख्त मना रहेगा। स्वयंसेवकों की नियुक्ति अनिवार्य की गई है और उनकी जानकारी पुलिस प्रशासन को देना होगी। विसर्जन के 12 घंटे के भीतर पंडाल हटाना होगा तथा घाटों और आसपास के क्षेत्रों की स्वच्छता की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। बैठक के अंत में उपस्थित गणमान्यजनों ने आवश्यक सुझाव भी दिए और जिले में शांति एवं सद्भाव बनाए रखने में प्रशासन को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

Author: Deepak Mittal
