भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता रैली निकालकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व राज्यपाल के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
रतलाम से इमरान खान की रिपोर्ट
रतलाम मध्यप्रदेश के एससी-एसटी छात्रावासों में पिछले दिनों हुई घटनाओं व छत्रावासों की समस्याओं को लेकर सोमवार दोपहर भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा ने आम्ब्डेडकर सर्कल से रैली निकालकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता दोपहिया वाहनों से। रैली लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे तथा जोरदार नारेबाजी कर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व राज्यपाल के नाम कार्यालय। के अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में छात्रावास में हो रही घटनाओं को रोकने, विभिन्न समस्याओं को दूर करने, छात्रावासों में पिछले दिनों घटित घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
सोमवार दोपहर करीब 12.30 बजे कार्यकर्ता व पदाधिकारी छत्री पुल स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास पहुंचे। वहां से मोर्चा के प्रदेश संयोजक दिनेश माल के नेतृत्व में वाहन रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे तथा जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय के अधीक्षक संजय जगतापी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश के कई छात्रावासो में ऐसी घटनाएं हुई है जिनमें कुछ विद्यार्थियों की मौत हो गई । रतलाम जिले की बाजना तहसील में स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय बालिका छात्रावास में 18 अगस्त 2025 को 35 छटाएं बीमार हो गई थी। प्रशासन मौसमी बीमारी का हवाला देकर घटना की लीपा-पौती करने का प्रयास कर रहा है, जबकि छात्राएं गलत खान-पान का शिकार हुई है, छात्राओं ने कहना है छत्रावास में भोजन करने कि के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी। छात्रावास में बाहर से पीने का पानी टैंकर के माध्यम से आता है। अगर वायरल बुखार है तो एक ही साथ इतनी छात्राओं की तबीयत बिगड़ना संदेह उत्पन्न करता है। छात्रावास में 86 छात्राओं को चार कमरो में रखा जाता है। एक पलंग पर तीन-चार छात्राओं को सुलाया जाता हैं। कुछ छात्राएं अगर पहले से बीमार थी तो उन्हें स्वस्थ छात्राओं के संपर्क में क्यों आने दिया गया, उनकी अलग से व्यवस्था क्यों नहीं की गई। छात्रावास का नया भवन तैयार होने के बाद भी अभी तक छात्राओं को रहने के लिए उपलब्ध नहीं कराया है। एक माह पहले जिले के सैलाना मॉडल स्कूल के 90 विद्यार्थी 20 किलोमीटर की दूरी तय कर अपनी समस्या बताने कलेक्टर के पास पहुंचे थे। उन्हें इतनी दूरी तय करना क्यों पड़ रही है।
छात्रों के साथ कोई दुर्घटना हो जारी तो जिम्मेदार कौन होता ? पिछले दिनों जबलपुर में आदिवासी छात्रावास के 14 विद्यार्थी अचानक बीमार हो गए थे इनमें से एक की मौत हो गई थी। मंडला में 16 छात्राओं की तबीयत बिगडी थी जिसमें से एक की मौत हो गई थी। बड़वानी, शिवपुरी, इंदौर आदिवासी छात्रावास में खराब खाने से 20 से ज्यादा बच्चे बीमार हो गए थे। खरगोन, बड़वानी शिवपुरी जिले में भी खराब खाने को लेकर विद्यार्थियों को विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। अनेक छात्रावास भवनों में पानी टपकता है, सफाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, भोजन की गुणवत्ता ठीक नहीं रहती है। जिन छात्रावासो में जो घटनाएं हुई है, उनकी तुरंत जांच कर दोषियों को सजा दी जाए। छात्रावासों के सही रखरखाव के लिए प्रदेश स्तरीय निगरानी कमेटी बनाई जाए। सभी छात्रावास में पानी, बिजली, सफाई राशन, सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था। प्रदेश संयोजक दिनेश माल ने बताया कि शीघ्र मांगे नहीं मानी गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

Author: Deepak Mittal
