दुर्ग: जिले के जामुल थाना क्षेत्र में साइबर अपराध से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। म्यूल खातों के जरिए अवैध लेनदेन कर रहे चार अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी सीसीएम मेडिकल कॉलेज रोड, कुरूद स्थित गुप्ता पीजी मकान के पास से की गई।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 बैंक पासबुक, 7 चेकबुक, 18 एटीएम कार्ड, 4 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड और 5,700 रुपये नकद बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराकर अवैध लेनदेन में मदद करता था।
मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई
जामुल थाना पुलिस को 19 फरवरी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ युवक दूसरों के बैंक खातों का दुरुपयोग कर संदिग्ध लेनदेन कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चारों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए, जिससे साइबर ठगी नेटवर्क की पुष्टि हुई।
कई राज्यों में दर्ज हैं शिकायतें
जब्त खातों का सत्यापन समन्वय पोर्टल पर किया गया। जांच में पता चला कि दो पासबुक और एक चेकबुक से जुड़े खातों में केरल, कर्नाटक, बिहार और गुजरात में साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं। इससे स्पष्ट हुआ कि गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और विभिन्न राज्यों के साइबर अपराधियों से जुड़ा हुआ था।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने मोहम्मद अब्दुला राईन उर्फ अमन (24) निवासी अहमद नगर कैंप-02 छावनी, हिमांशु पटेल (31) निवासी सेक्टर-01 भिलाई भट्टी, पुट्टा राकेश बाबू (27) निवासी भीमावरम, वेस्ट गोदावरी (आंध्र प्रदेश) और शुभम स्वाई (20) निवासी सुंदरगढ़ को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 317(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
Author: Deepak Mittal










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