सतनामी समाज के विधान सभा स्तरीय एक दिवसीय संगोष्ठी शिविर में लगा मांस मदिरा सेवन पर पूर्णतः प्रतिबंध..

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निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली 8959931111

सरगांव- नगर पँचायत सरगांव के पावन भूमि पर सतनामी समाज सामाजिक संगठन द्वारा विधानसभा स्तरीय एक दिवसीय संगोष्ठी शिविर मंगल भवन नगपुरा रोड में आयोजित किया गया ।

जिसमें समाज में व्याप्त कुरीतियों एवं समाज में नई सोच पैदा हो इस हेतु सामाजिक ज्वलंत समस्याओं पर जैसे विवाह संस्कार , सामाजिक कार्यक्रमों एवं सामूहिक स्थान पर मद्यपान एवं मांसाहार सेवन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया।मृत्यभोज पर विरोध,जन्मसंस्कार पर चर्चा कर कई अहम निर्णय लिए गए ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होलीराम दिवाकर (अध्यक्ष कोर कमेटी एवं अधिवक्ता ),कार्यक्रम की अध्यक्षता गयाराम टंडन ,वार्ड 8 के पार्षद राधेश्याम मारखंडे एवं दूर दराज से आए हुए संत समाज महंत,भंडारी की उपस्थिति में कार्यक्रम की शुरुवात संत शिरोमणि बाबा गुरुघासीदास जी के तैल्यचित्र पर दीप प्रज्वलित, माल्यार्पण करके संगोष्ठी का प्रारंभ हुआ। तत्पश्चात अतिथियों का श्रीफल से स्वागत सत्कार के बाद सभी संत समाज पदाधिकारी से परिचय कराया गया।


नगर पँचायत सरगांव में आयोजित विधानसभा स्तरीय शिविर में सतनामी समाज के पदाधिकारी,राजमहंत , महंत, जनप्रतिनिधिगण ,अधिकारी कर्मचारीगण शामिल हुए। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के रूढ़िवादी परंपराओं से हटकर सामाजिक नियमों में एक सूत्र में बांधना , सामाजिक संस्कारों से दूर होते हुए युवा पीढ़ी को राजनीतिक , सामाजिक,शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने प्रोत्साहित करना था ।

कार्यक्रम के शुरुवात में गायक कलाकार जनक चतुर्वेदी के पंथी गीतों ने संगोष्ठी में समां बांध दिया तत्पश्चात संतोष डहरिया के द्वारा युवा पीढ़ी व समाज को व्यसनों से दूर रहने की बात कही। पन्नालाल बंजारे ने विवाह संस्कार पर कहा कि समाज में वर वधू के पक्ष एक दूसरे के घर मेल मिलाप होता है तो मांस मदिरा परोसा जाता है इस पर हर हाल में समाज को प्रतिबंध लगाना चाहिए । जन्मसंस्कार पर संतोष डिंडोरे ने कहा कि छट्टी कार्यक्रम में मांस मदिरा का परोसा जाना गलत है समाज से अनुरोध भी किया गया खान पान में सुधार होना चाहिए ।


उदबोधन की अगली कड़ी में कीर्ति कुर्रे के सतनाम संदेश गीतों ने समां बांधकर कार्यक्रम को रोचक बनाते हुए बाबा गुरुघासीदास जी के अनमोल विचारों को समाज में हर व्यक्ति द्वारा अनिवार्यता पालन करने की बात कही।
अनुज राम धृतलहरे (पूर्व जनपद अध्यक्ष पथरिया) के द्वारा समाज में रोटी कपड़ा और मकान तीनों सतलोक के समान बताया वन्ही संत राजेश पाट्रे ने कहा कि सतनामी समाज को सादा जीवन जीना चाहिए व्यसनों से दूर रहना चाहिए

।अशोक पाटले तहसील इकाई के अध्यक्ष ने कहा कि विवाह संस्कार पर काफी विसंगतियां है उसे दूर करने का प्रयास करना चाहिए।पंडित चंद्रकुमार खांडे ने गीत के माध्यम से समाज में सुधार लाने की बात कही। रामचरण कस्तूरा सेवानिवृत्त प्रधान पाठक ने कहा कि हमें समाज के अच्छे कार्य के लिए निजी स्वार्थ को त्यागना होगा ।उसके बाद सरपंच संघ के पूर्व अध्यक्ष निर्मल दिवाकर ने अपने ओजस्वी भाषण में कहा कि सामाजिक रीति नीति का कड़ाई से पालन करना चाहिए।


मिश्रा गांधी बंजारे ने कहा कि समाज में व्यक्ति अच्छे कर्तव्य से महान बनता हमे समाज के द्वारा बनाए सामाजिक नियमों का पालन करना चाहिए।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होलीराम दिवाकर ने कहा सामाजिक नियमों , संस्कार, परंपरा और मर्यादा का पालन करना चाहिए । सभी गांवों में जाकर सामाजिक रूप से मद्यपान निषेध,जन्म संस्कार पर व्यसन से दूर पर प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए तभी समाज उन्नति के ओर बढ़ेगा । गया राम टंडन अध्यक्ष सतनामी समाज संघठन विधान सभा क्षेत्र बिल्हा के द्वारा आभार प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रम के सफल संचालन पर परमेश्वर बंजारे शिक्षक को बधाई दी गयी तथा कार्यक्रम संरक्षक एन पी सांडे सर और के डी बंदे को धन्यवाद दिया ताकि भविष्य में समाज को एक सूत्र में बंधने के लिए संगोष्ठी होते रहना चाहिए ।इस अवसर पर बड़ी संख्या में विधानसभा क्षेत्र से पदाधिकारीगण, व सामाजिक बन्धु उपस्थित रहे।

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Author: Deepak Mittal

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