क्वेटा: बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने बलूचिस्तान प्रांत में किए गए सिलसिलेवार हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। संगठन का कहना है कि इन हमलों में पाकिस्तानी सेना, पुलिस, खुफिया एजेंसियों और आतंकवाद निरोधक इकाइयों के जवानों समेत 80 से अधिक सुरक्षा अधिकारी मारे गए हैं। बीएलए ने इस अभियान को ‘ऑपरेशन हेरोफ फेज–2’ नाम दिया है।
बीएलए के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने जारी बयान में कहा कि ये हमले करीब दस घंटे तक चले और बलूचिस्तान के कई जिलों में एक साथ अंजाम दिए गए। उनके मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिन्हें संगठन ने प्रमुख सुरक्षा, सैन्य और प्रशासनिक केंद्र बताया है।
बीएलए का दावा है कि उसके लड़ाकों ने क्वेटा, नोशकी, मस्तुंग, दलबांदिन, कलात समेत कई अन्य कस्बों में हमले किए। द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ये इलाके पाकिस्तानी राज्य के महत्वपूर्ण सैन्य और प्रशासनिक केंद्र माने जाते हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि हमलों में पाकिस्तानी सेना के कम से कम 84 जवान मारे गए और कई अन्य घायल हुए, जबकि 18 सुरक्षाकर्मियों को कथित तौर पर बंदी भी बनाया गया।
बीएलए ने यह भी दावा किया कि हमलों के दौरान 30 से अधिक सरकारी संपत्तियों पर कब्जा किया गया या उन्हें नष्ट कर दिया गया, जिनमें सरकारी दफ्तर, बैंक और जेल शामिल हैं। इसके अलावा 20 से अधिक सरकारी और सुरक्षा बलों की गाड़ियों को आग के हवाले करने का भी दावा किया गया है। संगठन का कहना है कि उसके लड़ाके कुछ इलाकों में पाकिस्तानी सैनिकों की आवाजाही रोकने और सीमित समय के लिए नियंत्रण स्थापित करने में सफल रहे।
इस बीच, द बलूचिस्तान पोस्ट की एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया कि पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान के तटीय शहर ग्वादर में एक अभियान चलाया। आरोप है कि इस दौरान एक रिहायशी परिसर पर हमला किया गया, जहां मजदूर रह रहे थे। बताया गया कि तहसील जहरी के दो परिवारों से जुड़े इस हमले में महिलाओं और बच्चों समेत 12 लोगों की मौत हुई, जबकि करीब 10 अन्य घायल हो गए।
वहीं तुर्बत से मिली खबरों के अनुसार, पाकिस्तानी सैनिकों ने तुर्बत जिले के फुलाबाद क्षेत्र के नागरिक इलाकों में मोर्टार गोले दागे। कथित गोलाबारी में एक 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि एक पांच वर्षीय बच्चा और दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, गोलाबारी के बाद सेना ने इलाके में कुछ घरों को गिराना भी शुरू कर दिया, जिससे पहले से जारी हिंसा के बीच तनाव और बढ़ गया है।
Author: Deepak Mittal










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