जे के मिश्र
जिला ब्यूरो चीफ
नवभारत टाइम्स 24*7in बिलासपुर
बिलासपुर साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर 59 लाख 87 हजार 994 रुपए की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को मध्यप्रदेश के महू से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में ललीत कुमार, बबलू उर्फ कमलजीत सिंह चौहान, अर्पित साल्वे और रोहित निषाद शामिल हैं। इस गिरोह का मास्टरमाइंड ललीत कुमार एनआईआईटी दिल्ली से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है और एक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी में मैनेजर भी रह चुका है।
फर्जी वेबसाइट बनाकर फैलाया ठगी का जाल
गिरोह ने “गणेशम सिक्योरिटी” नाम की फर्जी एजेंसी और नकली मोबाइल ऐप के जरिए लोगों को शेयर और गोल्ड में निवेश कर दोगुना लाभ देने का झांसा दिया। शुरुआत में पीड़ितों को फर्जी लाभांश दिखाकर उनका भरोसा जीता गया और बाद में बड़ी रकम हड़प ली गई।
जब्त सामग्री और कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से
📱 04 मोबाइल फोन
💳 08 एटीएम कार्ड
🪪 02 पैन कार्ड
📘 चेकबुक और पासबुक
जब्त किए हैं। गिरोह को पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने तीन दिनों तक महू में निगरानी की और फिर सभी को ट्रांजिट रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया।
अधिकारियों की भूमिका
यह कार्रवाई आईजी संजीव शुक्ला और एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन में की गई। अभियान में एएसपी राजेंद्र जायसवाल, एएसपी अनुज कुमार, सीएसपी निमितेश सिंह, साइबर थाना प्रभारी राजेश मिश्रा व उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऑनलाइन निवेश के नाम पर हो रही धोखाधड़ी से सतर्क रहें। किसी भी अज्ञात लिंक, कॉल या एप पर निवेश करने से पहले पूरी जानकारी लें और संदेहास्पद गतिविधियों की सूचना तुरंत साइबर पुलिस को दें।

Author: Deepak Mittal
