- शातिर ठगों का पर्दाफाश: बिलासपुर पुलिस ने एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो बेरोजगार युवकों से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा था।
- मुख्य आरोपी कपिल गोस्वामी, तथाकथित पत्रकार गुरूशंकर दिव्य, सरपंच प्रतिनिधि ईश्वर चौहान, और उनके अन्य साथियों पर धोखाधड़ी के चार प्रकरण पंजीबद्ध किए गए।
- आरोपियों के कब्जे से 13 लाख रुपये नगद, इनौवा कार (कीमत 20 लाख रुपये), और बैंक खाते में 3 लाख रुपये सीज किए गए।
मामले का संक्षिप्त विवरण:
- थाना सिविल लाइन को जानकारी मिली कि कपिल गोस्वामी और उसके साथी बेरोजगार युवकों से नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे ले रहे थे।
- कपिल गोस्वामी और उसके साथियों ने विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का प्रलोभन दिया था, और इसके लिए युवकों से लाखों रुपये वसूल किए थे।
- आरोपी कपिल गोस्वामी और उसके साथी गुरूशंकर दिव्य, ईश्वर चौहान, राजेंद्र पलांगे, और पुरुषोत्तम तिवारी द्वारा बेरोजगार युवकों से धोखाधड़ी की गई, जिसमें कुल लगभग 22 लाख रुपये ठगे गए थे।
- आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र और सेवा पुस्तिकाएं तैयार कीं, जिनसे उन्होंने युवकों को धोखा दिया।
- पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और संगठित अपराध की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किए और उन्हें गिरफ्तार किया।
आरोपियों का तरीका:
- कपिल गोस्वामी और उसके सहयोगी सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवकों को आकर्षित करते थे।
- वे युवकों से पैसे लेते थे और उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य कागजात दिखाते थे।
- युवकों को नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करते और उनके मूल दस्तावेज भी अपने पास रख लेते थे।
- पहले भी कपिल गोस्वामी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में जेल जा चुका था।
पुलिस अपील:
- बिलासपुर पुलिस ने अपील की है कि ऐसे ठगों से सावधान रहें और यदि किसी व्यक्ति द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे की मांग की जाए, तो इसकी जानकारी पुलिस को दें।
- पुलिस ने यह भी पुष्टि की है कि आरोपियों ने रायपुर, सक्ती, बलौदा बाजार, रायगढ़, रजांजगीर चाम्पा, बिलासपुर और अन्य जिलों के लगभग 25-30 युवकों से ठगी की है।

Author: Deepak Mittal
