जे. के. मिश्र, जिला ब्यूरो चीफ, नवभारत टाइम्स 24×7, बिलासपुर
छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने राज्य शासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कर्मचारियों और अधिकारियों को 79 माह से अधिक महंगाई भत्ते (DA/DR) का एरियर बकाया है। संगठन के प्रवक्ता ने बताया कि सातवें वेतन आयोग लागू होने के बाद से महंगाई भत्ते की किस्तें तो समय-समय पर स्वीकृत की गईं, लेकिन उनका भुगतान अक्सर लंबे विलंब से हुआ।
संघ का कहना है कि वर्ष 2017 से 2025 तक करीब 96 से 98 माह का एरियर कर्मचारियों और पेंशनरों पर बनता है। जबकि भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और राज्य विद्युत मंडल के कर्मचारियों को समय पर महंगाई राहत दी जाती रही है।
एरियर का विस्तृत विवरण :
2017 : जनवरी 2017 का डीए – 10 माह विलंब से।
2018 : जनवरी 2018 – 12 माह, जुलाई 2018 – 8 माह का एरियर।
2019 : जनवरी 2019 – 7 माह का एरियर।
2020–21 (कोरोना काल) : जुलाई 2020 व जनवरी 2021 की किश्तें 16–18 माह तक स्थगित।
2021 : जुलाई 2021 – 10 माह का एरियर।
2023 : जुलाई 2023 – 8 माह का एरियर।
2024 : जनवरी 2024 – 9 माह, जुलाई 2024 – 8 माह का एरियर।
2025 : जनवरी 2025 – 7 माह का एरियर (अगस्त 2025 तक लंबित)।
संघ के अनुसार, वर्तमान में जनवरी–जुलाई 2025 तक का एरियर अभी शेष है और यदि जुलाई 2025 की वृद्धि भी लंबित रही तो यह और बढ़ेगा।
कर्मचारी संघ का अनुमान है कि बकाया एरियर की राशि प्रति कर्मचारी/अधिकारी 1 लाख से 3 लाख रुपये तक बैठती है। यह बकाया पेंशनरों पर भी लागू है।
कर्मचारी संघ ने कहा कि “समृद्ध राज्य होने के बावजूद कर्मचारियों और पेंशनरों को उनका वैध हक़ समय पर नहीं दिया जा रहा। अब समय आ गया है कि सभी कर्मचारी, अधिकारी और पेंशनर इस विषय पर गंभीर चिंतन करें।”

Author: Deepak Mittal
