इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर से जुड़े बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अदालत ने सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर और चौकीदार बलवीर अहिरवार को दोषमुक्त कर दिया है। कोर्ट ने विस्तृत सुनवाई के बाद माना कि दोनों का हत्या से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
जानकारी के अनुसार, राजा रघुवंशी की हत्या के बाद उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी इंदौर आई थी और एक किराए के फ्लैट में रुकी थी। जिस बिल्डिंग में वह ठहरी थी, उसके मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर हैं, जबकि बलवीर अहिरवार वहां चौकीदार के रूप में कार्यरत था। पुलिस ने हत्या के बाद सबूत नष्ट करने के संदेह में दोनों को गिरफ्तार किया था, हालांकि जांच में उनके खिलाफ ठोस प्रमाण सामने नहीं आए।
बताया गया कि बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र ने उक्त संपत्ति शिलोम जेम्स नामक व्यक्ति को किराए पर दी थी। वहीं इस मामले में शिलांग पुलिस ने दूसरी चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी है, जिसमें मुख्य आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं।
गौरतलब है कि राजा रघुवंशी (29) और उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी (25) शादी के बाद हनीमून पर मेघालय के शिलांग गए थे, जहां राजा का शव संदिग्ध हालात में मिला था। जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड सोनम रघुवंशी ही थी।
शिलांग पुलिस ने इस मामले में सोनम रघुवंशी के साथ राज कुशवाह, आकाश राजपूत, आनंद और विशाल को भी गिरफ्तार किया था। अब कोर्ट के इस फैसले के बाद बिल्डिंग मालिक और चौकीदार को राहत मिली है, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है।
Author: Deepak Mittal










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