भारत बंद :  अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समूह के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष..

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(ए पी दास) : भैयाथान  जिला सूरजपुर :  माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 01 अगस्त 2024 को सुनाए गए फैसले में, पंजाब राज्य बनाम दविन्दर सिंह एवं अन्य के मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समूह के कोटे के अंदर कोटा निर्धारण का अधिकार राज्यों को दिया गया है। इस फैसले में क्रीमीलेयर लागू न करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले के विरोध में आज, 21 अगस्त 2024 को भारत बंद का आह्वान किया गया।

आज सूरजपुर विकासखंड में भारत बंद का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। सभी दुकानदारों ने अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और व्यवसायिक संस्थान भी पूरी तरह से बंद हैं। 

ट्रांसपोर्ट सेवाएं भी आज पूरी तरह से ठप्प रही। टैक्सी और ऑटो की सेवाएं बंद होने से यात्रियों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालांकि, बंद के समर्थन में स्थानीय समुदाय, विशेषकर एसटी, एससी और ओबीसी के लोग पूरी तरह से प्रतिबद्ध रहे। 

भीड़ में शामिल कार्यकर्ता और समर्थक, जिनमें सर्व आदिवासी समाज, बीएसपी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ता शामिल हैं। 

भारत बंद का आह्वान पंजीकृत सामाजिक संगठनों, जैसे सर्व आदिवासी समाज, राजनीतिक दल बीएसपी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, और भीम आर्मी के समर्थन से किया गया। इन संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता दिखाई। 

भैयाथान विकासखंड में भी बंद का प्रभाव देखने को मिला। यहां पर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष का समर्थन किया। 

आज के भारत बंद में शामिल होने वाले सभी समुदायों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। भारत बंद के इस आयोजन ने दिखा दिया कि देश की एसटी, एससी, और ओबीसी समुदाय अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हैं और किसी भी प्रकार के भेदभाव को सहन नहीं करेंगे।

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Author: Deepak Mittal

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