नेशनल डेस्क। यूपी की मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक चौंकाने वाले ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसे ‘पिंक गैंग’ के नाम से जाना जाता था। इस गैंग के काम करने का तरीका ऐसा था कि बेरोजगार युवा इनकी मीठी-मीठी बातों में फंसकर खुद ही इन्हें लाखों रुपये ट्रांसफर कर देते थे।
वहीं पुलिस ने एक कॉल सेंटर पर छापा मारकर इन सभी लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मास्टरमाइंड के साथ 16 लड़कियां गिरफ्तार
पुलिस को इमरजेंसी नंबर 1930 पर एक शिकायत मिली थी जिसके बाद इस कॉल सेंटर पर छापा मारा गया। मौके से 16 लड़कियों के साथ दो मास्टरमाइंड आहद और जुबैद को भी गिरफ्तार किया गया। ये दोनों ही इस गैंग के असली सरगना थे जो लड़कियों को कम सैलरी पर रखकर युवाओं को फंसाने का काम करते थे।
ठगी का तरीका
ये लड़कियां बेरोजगार युवाओं को कॉल करके बड़ी सैलरी वाली नौकरी का लालच देती थीं। इसके बाद उनसे ‘सिक्योरिटी मनी’ या एडवांस के नाम पर 2500 से 5000 रुपये तक की रकम मांगी जाती थी। पैसे मिलते ही ये लोग पीड़ितों से संपर्क तोड़ देते थे और उनके नंबर ब्लॉक कर दिए जाते थे।
लक्ष्य पर थे पुणे और महाराष्ट्र के युवा
शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गैंग खासतौर पर पुणे और महाराष्ट्र के युवाओं को अपना निशाना बना रहा था। हर महीने 30 से 40 हजार कॉल की जाती थीं।
जब्त सामान और बैंक अकाउंट फ्रीज
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से तीन लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन और लगभग 30 सिम कार्ड मिले हैं। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रजिस्टर भी बरामद हुए हैं जिनमें पीड़ितों की जानकारी दर्ज थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों के तीन बैंक खातों का भी पता लगाया है जिन्हें तुरंत फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस का अनुमान है कि इस गिरोह के झांसे में अब तक हजारों युवा फंस चुके हैं। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है और ठगी से जुटाई गई संपत्ति को जब्त करने की तैयारी भी चल रही है।

Author: Deepak Mittal
