झांसी। बागेश्वर धाम के प्रमुख, धीरेंद्र शास्त्री की हिंदू एकता यात्रा उत्तर प्रदेश के झांसी में पहुंची। इस यात्रा के दौरान एक अजीब घटना घटी, जब किसी शख्स ने यात्रा के दौरान बाबा पर मोबाइल फेंककर मारा। मोबाइल बाबा के गाल पर जाकर लगा, लेकिन बाबा ने इसे हल्के में लिया और इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
मोबाइल फेंककर मारा
हिंदू एकता यात्रा के छठे दिन जब बाबा धीरेंद्र शास्त्री अपने भक्तों के साथ पैदल यात्रा कर रहे थे, तभी यह घटना घटी। बाबा माइक से भक्तों और समर्थकों को संबोधित कर रहे थे, तभी किसी ने मोबाइल फेंककर मारा, जो बाबा के गाल पर जाकर लगा। इसके बाद, बाबा ने माइक से कहा, “फूलों के साथ किसी ने हमको मोबाइल फेंककर मारा है, हमें मोबाइल मिल गया है।” इस घटना के बाद बाबा ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और इसे अपनी यात्रा का हिस्सा मानते हुए आगे बढ़ने का संदेश दिया।
जनता का जबरदस्त समर्थन
धीरेंद्र शास्त्री की यह यात्रा 21 नवंबर से शुरू हुई थी और अब तक इसे जनता का भारी समर्थन मिल रहा है। यात्रा का छठा दिन था जब यह झांसी पहुंची, और इस दौरान हजारों लोग उनके साथ पैदल चल रहे थे। यात्रा के रास्तों पर जहां भी यह यात्रा गुजरती है, वहां भक्तों द्वारा फूलों के साथ स्वागत किया जाता है। यात्रा के प्रति जनसमर्थन और लोगों की आस्था साफ दिख रही है।
विशेष मेहमानों का आना
इस यात्रा के दौरान कुछ प्रसिद्ध हस्तियां भी शामिल हो चुकी हैं। अभिनेता संजय दत्त और द ग्रेट खली ने भी इस यात्रा में भाग लिया। इसके अलावा, कई प्रमुख नेता भी इस यात्रा को अपना समर्थन दे चुके हैं, जिनमें बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, बीजेपी विधायक राजेश्वर शर्मा, और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह शामिल हैं।
जात-पात के भेदभाव को खत्म करने का संदेश
यात्रा की शुरुआत करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य समाज में जात-पात के भेदभाव को समाप्त करना है। उन्होंने यात्रा के दौरान एक नारा दिया, “जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई।” बाबा ने अपने भक्तों से अपील की कि वे एकजुट होकर सनातन धर्म को मजबूत करें और समाज में कोई भी भेदभाव न हो। उनका कहना था कि इस यात्रा का उद्देश्य समाज में एकता बढ़ाना और सनातन धर्म को प्रगति की दिशा में ले जाना है।
धीरेंद्र शास्त्री की हिंदू एकता यात्रा न केवल धार्मिक एकता का संदेश दे रही है, बल्कि यह समाज में भाईचारे और समानता को बढ़ावा देने का भी प्रयास है। यात्रा के दौरान हुई इस घटना ने कुछ समय के लिए ध्यान आकर्षित किया, लेकिन बाबा ने इसे सरलता से लिया और अपनी यात्रा जारी रखी।

Author: Deepak Mittal










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