ईरान में फंसे भारतीय छात्रों की वापसी का इंतजार, दिल्ली समेत कई शहरों में परिजनों की बढ़ी चिंता

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नई दिल्ली: ईरान में जारी सैन्य टकराव के बीच वहां पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी को लेकर उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। राजधानी दिल्ली के कई परिवारों का कहना है कि बच्चों से संपर्क मुश्किल हो गया है और वे सरकार के इवैक्युएशन प्लान का इंतजार कर रहे हैं।

“कॉलेज के पास हुआ धमाका”, पिता की आंखों में आंसू

पुरानी दिल्ली के रहने वाले कुंवर शकील ने बताया कि उनकी बेटी तेहरान स्थित Islamic Azad University में मेडिसिन की पढ़ाई कर रही है। वह छठे सेमेस्टर की छात्रा है। शकील के मुताबिक, “सोमवार सुबह बात हुई थी। उसके कॉलेज के पास बम धमाका हुआ था। उसे मंगलवार को भारत लौटना था, लेकिन अब वह इवैक्युएशन का इंतजार कर रही है।”

परिजनों का कहना है कि हालात उस समय और बिगड़ गए जब ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत की खबर सामने आई। इसके बाद देशभर में सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं।

इंटरनेट ठप, ट्रंक कॉल का सहारा

मालवीय नगर की जुबिया खान, जिनकी बेटी तेहरान में MBBS कर रही है, ने बताया कि फोन कनेक्ट करने के लिए दर्जनों बार कोशिश करनी पड़ती है। “इंटरनेट लगभग बंद है। कभी-कभार ट्रंक कॉल से ही बात हो पाती है। हॉस्टल में राशन कम है और बच्चे डरे हुए हैं,” उन्होंने कहा।

परिजनों का कहना है कि छात्र सीमित भोजन और संसाधनों में गुजारा कर रहे हैं। उन्हें नहीं पता कि हालात कब सामान्य होंगे।

एम्बेसी ने सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू किया

ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (AIMA) के प्रतिनिधि मोमिन खान ने बताया कि भारतीय दूतावास ने अलग-अलग कॉलेजों के छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार, छात्रों को ईरान के शहर Qom ले जाया जा रहा है और उन्हें 5 किलोग्राम तक का आवश्यक सामान तैयार रखने को कहा गया है।

पश्चिम एशिया में बढ़ा सैन्य टकराव

28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा कथित संयुक्त सैन्य अभियानों—Operation Epic Fury और Operation Lion’s Roar—के बाद तनाव खुली सैन्य भिड़ंत में बदल गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक तेहरान, इस्फ़हान और नतांज़ समेत कई ठिकानों पर हमले हुए।

जवाब में तेहरान ने Operation Truthful Promise 4 शुरू करने की घोषणा की, जिसके तहत इज़राइल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए।

बढ़ता मौत का आंकड़ा

ईरान की राहत संस्था Iranian Red Crescent Society ने सैकड़ों लोगों की मौत का दावा किया है। वहीं अमेरिकी और इज़रायली अधिकारियों ने भी अपने-अपने ठिकानों पर हताहतों की पुष्टि की है। हालांकि आंकड़ों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।

परिवारों की एक ही मांग—सुरक्षित वापसी

दिल्ली समेत देशभर के परिजनों की अपील है कि भारत सरकार जल्द से जल्द अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष अभियान चलाए। उनका कहना है कि “हमारी एकमात्र उम्मीद अब सरकार है। बस बच्चे सुरक्षित लौट आएं।”

फिलहाल भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय हालात पर नजर बनाए हुए हैं और छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया जारी है।

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Author: Deepak Mittal

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