सूर्य देव की उपासना से मिलेगा सौभाग्य, आज बन रहा सिद्ध योग और अमृत काल
नई दिल्ली। आज 09 नवंबर, रविवार को मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। इस तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है क्योंकि रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा का विधान होता है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव की आराधना करने से कारोबार में उन्नति, रोगों से मुक्ति और जीवन में सफलता प्राप्त होती है। इस बार पंचमी तिथि पर कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जो दिन को और अधिक मंगलमय बना रहे हैं।
आज का पंचांग
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तिथि: कृष्ण पंचमी (रात्रि 01:54 बजे तक, 10 नवंबर तक)
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मास: मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
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दिन: रविवार
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संवत्सर: विक्रम संवत 2082
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योग: सिद्ध (दोपहर 03:02 बजे तक)
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करण: कौलव (दोपहर 03:05 बजे तक), तैतिल (रात्रि 01:54 बजे तक)
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सूर्योदय: प्रातः 06:39 बजे
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सूर्यास्त: सायं 05:30 बजे
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चंद्रोदय: रात्रि 09:07 बजे
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चन्द्रास्त: प्रातः 10:53 बजे
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सूर्य राशि: तुला
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चंद्र राशि: मिथुन
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पक्ष: कृष्ण
आज के शुभ मुहूर्त
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अभिजीत मुहूर्त: 11:43 बजे से 12:26 बजे तक
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अमृत काल: 10:53 बजे से 12:21 बजे तक
इन शुभ कालों में किए गए कार्यों से सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है। खासतौर पर सूर्य उपासना, दान, और नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह समय उत्तम माना गया है।
आज के अशुभ समय
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राहुकाल: 04:09 बजे से 05:30 बजे तक
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गुलिकाल: 02:48 बजे से 04:09 बजे तक
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यमगण्ड: 12:05 बजे से 01:26 बजे तक
इन कालों में किसी भी महत्वपूर्ण या नए कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
आज का नक्षत्र — आर्द्रा
आज चंद्रदेव आर्द्रा नक्षत्र में विचरण करेंगे (रात्रि 08:04 बजे तक)।
इस नक्षत्र के स्वामी राहु और देवता रुद्र (भगवान शिव) हैं। इसका प्रतीक अश्रु (आंसू की बूंद) है।
आर्द्रा नक्षत्र जातकों को बुद्धिमान, लेकिन जल्द क्रोधित होने वाला माना जाता है।
विशेष फल
आज का दिन सूर्य उपासना, दान-पुण्य और सकारात्मक कर्मों के लिए अत्यंत शुभ है।
जो व्यक्ति इस दिन सूर्य देव को जल अर्पित करते हैं और “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जप करते हैं, उन्हें धन, आरोग्य और यश की प्राप्ति होती है।
यह दिन धार्मिक दृष्टि से भी विशेष है — क्योंकि सिद्ध योग, अमृत काल और पंचमी तिथि का संगम साधकों को शुभ फल प्रदान करेगा।
Author: Deepak Mittal










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