कभी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए लेना पड़ता था कर्ज, अब किसान सम्मान निधि से पूरी हो रही जरूरतें – किसान भरत साहू…

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ग्राम फरहदा के भरत साहू को पीएम किसान निधि से मिल रहा आर्थिक संबल

योजना के लिए शासन प्रशासन का जताया आभार

निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली

मुंगेली- एक समय ऐसा भी था, जब घर की छोटी-छोटी आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए कर्ज लेना पड़ता था, सेठ-साहूकारों का चक्कर लगाना पड़ता था। कई बार कर्ज नहीं मिलने की स्थिति में एक-एक पैसे के लिए मोहताज भी होना पड़ता था।

कर्ज के एवज में सेठ-साहूकारों के पास अपने घर की कुछ सामग्री गिरवी के रूप में रखना पड़ता था, तब जाकर कर्ज मिलता था। लेकिन शासन द्वारा जब से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई है, तब से इन सब झंझटों से मुक्ति मिल गई है।


यह कहना मुंगेली जिले के ग्राम फरहदा में रहने वाले किसान भरत साहू का है। उन्होने बताया कि योजना के तहत मिलने वाली राशि से न केवल घर की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी हो रही है, बल्कि इस राशि से खेती-किसानी भी बेहतर तरीके से करने में मदद मिल रहा है।

परिवार के भरण-पोषण में भी महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। इस योजना से उन्हें आर्थिक संबल मिला है। परिवार और समाज में उनका सम्मान बढ़ा है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना क्या है? प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक केंद्रीय योजना है, जिसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र किसान परिवार को सालाना 6000 रुपये की राशि तीन बराबर किश्तों में दी जाती है।

ये राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है, ताकि उन्हें खेती के काम में आर्थिक मदद मिल सके। इस योजना के तहत जिले के 89 हजार 822 किसान लाभांवित हो रहे है। इनमें लोरमी विकासखण्ड के 38 हजार 937, मुंगेली विकासखण्ड के 30 हजार 712 और पथरिया विकासखण्ड के 20 हजार 173 लोग शामिल हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्रता एवं पंजीयन की प्रक्रिया योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए। लाभार्थी की पहचान के रूप में आधार कार्ड, बैंक खाता और मोबाइल नंबर होना आवश्यक है। बड़े व व्यावसायिक कृषि करने वाले किसान और किसी अन्य केंद्रीय या राज्य सरकार की नौकरी में लगे व्यक्ति योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।

योजना अंतर्गत नए किसान ऑफिशियल वेबसाइट pmkisan.gov.in, सीएससी अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सम्पर्क कर पंजीयन करा सकते है। पीएम किसान में ईकेवासी, आधार सीडिंग एवं लैंड सीडिंग पूरा होने के बाद ही राशि का भुगतान किया जाता है।

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Author: Deepak Mittal

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