AI से ये 6 सवाल पूछे तो पड़ सकता है पछताना! ChatGPT, Grok और Gemini पर एक गलती बन सकती है भारी नुकसान

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Deepak Mittal

ChatGPT, Grok और Google Gemini जैसे AI चैटबॉट्स आज भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। कोई आर्टिकल लिखवा रहा है, कोई नया टॉपिक समझ रहा है तो कोई मिनटों में जरूरी जानकारी हासिल कर रहा है।
हालांकि, जितने ये टूल्स उपयोगी हैं, उतने ही खतरनाक भी साबित हो सकते हैं, अगर इनसे गलत सवाल पूछ लिए जाएं। एक्सपर्ट्स की मानें तो कुछ खास तरह के सवाल AI से पूछना आपकी प्राइवेसी, सेफ्टी और बड़े फैसलों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

1️⃣ मेडिकल बीमारी या इलाज से जुड़े सवाल

AI डॉक्टर नहीं है। वह बीमारी के लक्षणों की सामान्य जानकारी दे सकता है, लेकिन सही डायग्नोसिस या इलाज नहीं। दवा या ट्रीटमेंट को लेकर AI पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इसमें आपकी मेडिकल हिस्ट्री और जांच शामिल नहीं होती।
👉 सेहत से जुड़े फैसलों के लिए हमेशा योग्य डॉक्टर से ही सलाह लें।

2️⃣ निजी और वित्तीय जानकारी साझा करना

AI चैटबॉट में कभी भी बैंक डिटेल्स, ATM/UPI जानकारी, पासवर्ड, OTP, आधार या पैन नंबर न डालें।
भले ही प्लेटफॉर्म डेटा सेफ होने का दावा करे, लेकिन मैसेज सिस्टम मॉनिटरिंग या ट्रेनिंग के लिए देखे जा सकते हैं, जिससे डेटा लीक और साइबर फ्रॉड का खतरा बढ़ जाता है।

3️⃣ गैरकानूनी कामों की सलाह

हैकिंग, टैक्स चोरी, पायरेसी, फ्रॉड या कानून से बचने से जुड़े सवाल पूछना कानूनी मुसीबत में डाल सकता है।
ज्यादातर AI प्लेटफॉर्म ऐसे सवालों को पहले ही ब्लॉक कर देते हैं, लेकिन कोशिश करना भी गलत है।

4️⃣ AI की हर बात को सच मान लेना

AI हमेशा सही नहीं होता। कई बार वह पुरानी, अधूरी या गलत जानकारी भी दे सकता है।
कानूनी सलाह, निवेश या किसी अहम फैसले में सिर्फ AI पर भरोसा करना भारी नुकसान करा सकता है। जरूरी जानकारी को ऑफिशियल सोर्स से जरूर वेरिफाई करें।

5️⃣ बड़े जीवन फैसलों में AI पर निर्भरता

नौकरी छोड़ना, बिजनेस शुरू करना या बड़े पैसों से जुड़े फैसलों में AI की राय अंतिम फैसला नहीं होनी चाहिए।
चैटबॉट आपकी जिंदगी के भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं को पूरी तरह नहीं समझ सकता। ऐसे में अनुभवी लोगों या प्रोफेशनल्स से सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित है।

6️⃣ भावनाओं को समझने की उम्मीद

AI इंसान नहीं है। वह सहानुभूति भरी भाषा तो इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन गहरी भावनात्मक समस्याओं को सही तरह नहीं समझ पाता।
मानसिक तनाव, डिप्रेशन या निजी परेशानियों में किसी भरोसेमंद इंसान या काउंसलर से बात करना ही सबसे बेहतर विकल्प है।

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Author: Deepak Mittal

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