Ashtalakshmi Mahotsav: निवेशकों के लिए आयोजित हुआ विशेष गोलमेज सम्मेलन, कुल 2326 करोड़ रुपये का निवेश

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नई दिल्ली। नॉर्थ-ईस्ट की जब बात आती है वहां की प्राकृतिक सुंदरता और परंपरा हमारा मन मोह लेती है। सरकार ने भारत के उत्तर-पश्चिमी राज्यों के लिए शुक्रवार को तीन दिवसीय अष्टलक्ष्मी महोत्सव आयोजित किया था।

इस महोत्सव का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।

इस महोत्सव को लेकर पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया। उन्होंने कहा था कि यह महोत्सव इन राज्यों से जुड़े निवेश को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इस महोत्सव में कपड़ा उद्योग, हस्तशिल्प और अद्वितीय भौगोलिक संकेत (जीआई) उत्पादों को प्रदर्शित किया गया था।

गोलमेज सम्मेलन की मेजबानी

अष्टलक्ष्मी महोत्सव ने एक विशेष निवेशक गोलमेज सम्मेलन की मेजबानी की। इस महोत्सव में राज्य सरकार के अधिकारियों, केंद्र सरकार के अधिकारियों, उद्यमियों, व्यापार जगत और निवेशकों आए थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र संवाद को बढ़ावा देना, निवेश के अवसर तलाशना और अभिनव सहयोग को बढ़ावा देना था।

यह गोलमेज सम्मेलन पूर्वोत्तर भारत में कृषि, हस्तशिल्प, हथकरघा, पर्यटन और शिक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश के अवसर तलाशने और उनको बढ़ावा देने के लिए बनाया गया एक महत्वपूर्ण मंच था। इस कार्यक्रम में उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर), डीपीआईआईटी और राज्य सरकारों के कई उच्च पदस्थ अधिकारी भी शामिल हुए थे। इन्होंने कार्यक्रम की शोभा को बढ़ाया।

अष्टलक्ष्मी की विशेषताएं

इस कार्यक्रम में विचारकों ने क्षेत्रीय चुनौतियों का समाधान करते हुए लाभ बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी और नए व्यवसाय मॉडल का लाभ उठाने पर गहन विचार साझा किया। राज्यों ने निवेश अवसरों, रणनीतिक साझेदारी और तालमेल के बारे में बताया।

इस कार्यक्रम में पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध विरासत, सांस्कृतिक जड़ों के संरक्षण को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इस कार्यक्रम में राज्यों ने उपलब्ध विशाल निवेश अवसरों के बारे में बताया। इसके अलावा संभावित निवेशकों के साथ राज्य सरकारों की एक-एक से बी2जी बैठक भी हुई।

क्या है अष्टलक्ष्मी महोत्सव

अष्टलक्ष्मी महोत्सव विरासत और नवोन्मेष के बीच तालमेल के बारे में बताता है। यह महोत्सव इस बात को सुनिश्चित करता है कि समृद्धि समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे। गोलमेज सम्मेलन में कुल 2326 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। यह भारत के जीवंत पूर्वोत्तर में निवेशकों के लिए मौजूद अपार संभावनाओं को रेखांकित करता है।

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Author: Deepak Mittal

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