आरंग । ग्रामीण व्यवस्था के तहत मनाही व समझाईश के बाद भी अवैध शराब बिक्री व जुआ में लिप्त विध्नसंतोषी तत्वों के बाज न आने व ग्राम में व्याप्त हो रहे अशांति तथा पंचायत पर इन्हें पनाह देने के कथित आरोप से आक्रोशित पंचायत ने मंदिर हसौद थाना प्रभारी सचिन सिंह को ज्ञापन सौंप हर हाल में इस पर स्थायी रोक लगाने व पकड़े जाने वाले असामाजिक तत्वों के पैरवी करने वालों के दबाव में न आ ऐसे पैरवीकारो के नाम सार्वजनिक करने की मांग की है ताकि ग्रामवासी इनके हिमायतियों को पहचान सके ।इधर ज्ञापन मिलने के बाद सक्रिय हुये अमला ने पूर्व से पुलिसिया रिकार्डधारी एक कोचिया के यहां दबिश दी जो भनक लगते ही फरार हो गया ।
ज्ञातव्य हो कि आसपास के ग्राम कुंडा , टेकारी , तोड़गांव आदि में ग्रामीण व्यवस्था व पुलिस प्रशासन के सहयोग से अवैध शराब बिक्री पर काफी हद तक अंकुश लग चुका है व एक और नजदीकी ग्राम कुटेसर की पंचायत ग्रामीणों व थाना अमला के सहयोग से इस पर रोक लगाने प्रयासरत है व यहां अब 6-7 कोचियों में से मात्र 1-2 द्वारा शराब बेचने की शिकायत है । इधर ग्राम बड़गांव में भी दीपावली में कथित परम्परा के नाम पर तो दूर साल भर जुआ होने व एक- दूसरे के देखा-देखी 7- 8 शराब कोचियों के सक्रिय होने की जानकारी ग्रामीण देते हैं । बीते दिनों सरपंच श्रीमती रामबती यादव , उसके प्रतिनिधि गजेन्द्र यादव व पूर्व में आरंग जनपद पंचायत के अध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य रह चुके सरपंच पति मुरारी यादव से इस संबंध में शराब विरोधी मुहिम में सक्रिय किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा की चर्चा हुई थी। ग्रामीणों के अनुसार इसकी भनक लगने के साथ – साथ त्यौहार को देखते हुये पुलिसिया पकड़ के भय से एक को छोड़ शेष कोचियों ने फिलहाल अवैध शराब बिक्री बंद कर रखा है पर पूर्व में पूर्ववर्ती थाना प्रभारी के कार्यकाल में एस पी से शिकायत के बाद आबकारी अधिनियम की धारा 34 (2 ) के आरोप में पकड़ाये कोचिया ने अवैध शराब बिक्री जारी रखा था । इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस दल बड़गांव पहुंचा जिससे जुआरियों में हड़कंप मच गया व वे भाग निकले तथा भनक लगते ही कोचिया फरार हो गया । थाना प्रभारी श्री सिंह ने पर्व के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाये रखने क्षेत्र के ग्रामों में पुलिसिया गश्त व दबिश लगातार जारी रहने की जानकारी देते हुये असामाजिक गतिविधियों में लिप्त तत्वों की जानकारी तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया है ।
संकलनकर्ता – रोशन चंद्राकर

Author: Deepak Mittal
