वैशाल (बिहार): बिहार के वैशाली जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक नवविवाहित महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसका शव रात के अंधेरे में मायके के बाहर फेंक दिया गया। इस घटना ने तब और तूल पकड़ लिया जब सामने आया कि शव को जिस स्कॉर्पियो गाड़ी से लाया गया, वह एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर के नाम पर पंजीकृत है। पूरी वारदात घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
परिजनों के अनुसार, 16 जनवरी की रात करीब 12:30 बजे काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी मायके के बाहर आकर रुकी। गाड़ी से उतरे लोगों ने महिला का शव घर के दरवाजे पर फेंका और मौके से फरार हो गए। सुबह शव देखे जाने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी वाहन से शव उतारकर तेजी से भागते हैं।
घटना की पुष्टि करते हुए सारण जिले के हरिहर नाथ थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में प्रयुक्त वाहन को जब्त कर लिया गया है और जांच जारी है। जांच के दौरान यह सामने आया कि स्कॉर्पियो वाहन मुजफ्फरपुर जिले में पदस्थ एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर संतोष राजक के नाम पर रजिस्टर्ड है। एक सेवारत पुलिस अधिकारी के वाहन के इस्तेमाल से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि सब-इंस्पेक्टर की इस मामले में प्रत्यक्ष भूमिका है या उनके वाहन का दुरुपयोग किया गया।
मृतका की पहचान सरिता के रूप में हुई है। मृतका के पिता जयप्रकाश महतो ने बताया कि उनकी बेटी की शादी करीब नौ महीने पहले वैशाली जिले के करताहन बुजुर्ग गांव निवासी सत्येंद्र कुमार से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी में सामर्थ्य के अनुसार दहेज देने के बावजूद ससुराल पक्ष लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहा था। पिता का दावा है कि शव की गर्दन पर गला घोंटने के निशान स्पष्ट थे, जिससे हत्या की आशंका और गहरी हो गई है।
पिता के बयान के आधार पर पुलिस ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग करते हुए इसे समाज के लिए शर्मनाक घटना बताया है।
Author: Deepak Mittal










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