“संघर्ष से सफलता तक: वीरेंद्र बहादुर पंच भाई छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक इतिहास में नया अध्याय”..

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दीपक मित्तल नवभारत टाइम्स 24 x7in प्रधान संपादक छत्तीसगढ़

 

रायपुर/ नारायणपुर :  संपूर्ण भारत देश में एक ऐसा उदाहरण आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं जो फर्श से अर्थ तक का सफर तय किए हैं नायब तहसीलदार से लेकर IAS का अवार्ड प्राप्त करने वाले का असाधारण यात्रा का सफर तय किए हैं  वीरेंद्र बहादुर पंच भाई अधिकारी की असाधारण यात्रा: नायब तहसीलदार से IAS”

वीरेंद्र बहादुर पंच भाई वर्तमान में वे बस्तर जिले के बीहड़ नक्सली क्षेत्र नारायणपुर में अपर कलेक्टर के पद पर हैं,,छत्तीसगढ़ में राज्य प्रशासनिक सेवा के 14 अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए प्रमोशन दिया गया है। इनमें सबसे खास नाम वीरेंद्र बहादुर पंचभाई का है, जिन्होंने नायब तहसीलदार के रूप में अपना कैरियर शुरू किया था।

यह पहली बार है जब छत्तीसगढ़ में किसी अधिकारी ने नायब तहसीलदार के पद से शुरुआत कर IAS बनने तक का सफर तय किया है। वीरेंद्र बहादुर पंचभाई, दुर्ग जिले के निवासी हैं। उनका चयन 1993 में अविभाजित मध्य प्रदेश के दौरान नायब तहसीलदार के रूप में हुआ था।

वीरेंद्र बहादुर पंच भाई नायब तहसीलदार से IAS तक: छत्तीसगढ़ का गौरवशाली पल”

सपनों को साकार करने की मिसाल: वीरेंद्र बहादुर पंचभाई”,,

अपने करियर के शुरुआती वर्षों में पंचभाई ने अभनपुर में नायब तहसीलदार और बाद में दल्लीराजहरा सहित अन्य क्षेत्र में तहसीलदार के रूप में सेवाएं दीं। उनकी कड़ी मेहनत और लगन के चलते 2010 में उनका चयन छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा में हुआ। इसके बाद वह रायपुर में अपर कलेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे।

सफलता की कहानी:(“परिश्रम की पराकाष्ठा: वीरेंद्र बहादुर पंचभाई की कहानी”)

वीरेंद्र बहादुर पंचभाई की यह उपलब्धि राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने अपने अद्वितीय कार्यशैली और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया है। उनकी यह यात्रा साबित करती है कि कठिन परिश्रम और दृढ़ निश्चय से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का पल: “छत्तीसगढ़ की शान: वीरेंद्र बहादुर पंचभाई की उपलब्धि”

यह प्रमोशन राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है और छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत बनाएगा।

छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक इतिहास का नया अध्याय

वीरेंद्र बहादुर पंचभाई का नाम उन अफसरों में शामिल हो गया है, जिन्होंने अपनी लगन और ईमानदारी से न केवल खुद को बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया है। उनकी कहानी केवल एक पदोन्नति की नहीं, बल्कि साहस, संघर्ष और सफलता की मिसाल है।

कदम-कदम पर सफलता का सफर:

1993 में नायब तहसीलदार के पद पर नियुक्ति से लेकर IAS बनने तक, पंचभाई ने अपने हर पद पर महत्वपूर्ण कार्य किए। अभनपुर में नायब तहसीलदार और तहसीलदार के रूप में काम करते हुए उन्होंने जमीनी स्तर पर जनता से जुड़ी समस्याओं को हल करने में उल्लेखनीय योगदान दिया।

2010 में राज्य प्रशासनिक सेवा में उनका चयन, उनकी कार्यकुशलता का प्रमाण था। रायपुर में अपर कलेक्टर के रूप में उन्होंने शासन-प्रशासन के बीच एक कुशल समन्वय स्थापित किया। उनकी सूझबूझ और निर्णय क्षमता ने उन्हें उच्च पदों के लिए योग्य बनाया।

राज्य के लिए प्रेरणा:“संघर्ष, समर्पण और सफलता: वीरेंद्र बहादुर पंचभाई का योगदान”

वीरेंद्र बहादुर पंचभाई का IAS बनना उन सभी सरकारी कर्मचारियों और युवाओं के लिए एक प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखते हैं। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि लगन और ईमानदारी के साथ काम किया जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता अवश्य मिलती है।

भविष्य की उम्मीदें:


IAS बनने के बाद, वीरेंद्र बहादुर पंचभाई से उम्मीदें और बढ़ गई हैं। राज्य प्रशासन में उनकी भूमिका न केवल विकास कार्यों को गति देगी, बल्कि वह नई पीढ़ी के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करेंगे।

छत्तीसगढ़ में यह ऐतिहासिक पल न केवल राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को, बल्कि हर नागरिक को प्रेरित करने वाला है। वीरेंद्र बहादुर पंचभाई की सफलता एक नई उम्मीद और दृढ़ निश्चय का प्रतीक है।
संपूर्ण भारत देश में लाखों लोगों ने इस समाचार को सराहा है,,,

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Author: Deepak Mittal

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