(स्वपना माधवानी) : गुण्डरदेही : हिंदू धर्म के लिए नासूर बन रहे अवैध प्रार्थना सभा का आयोजन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। तो दूसरी ओर भोले भाले लोगों को बहला फुसलाकर पुरानी बीमारी ठीक होने का व पैसों का लालच देकर उसका धर्म परिवर्तन करने का काम क्षेत्र में जोरों शोरों से चल रहा है। जिसको लेकर समय-समय पर हिंदू संगठनों के द्वारा इसका विरोध भी किया जाता आ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार गुण्डरदेही ब्लॉक में लगभग 20% से ज्यादा लोग ईसाई धर्म का शिकार हो चुके है। दिन ब दिन इनकी संख्या बढ़ते जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार गुण्डरदेही नगर के वार्ड क्रमांक 03 के निवासी डेरहा पटेल पिता नीलम पटेल एवं उसके परिवार के अन्य सदस्यों के द्वारा ईसाई धर्म को मानने की बात सामने आया था। जिसको लेकर कई बार सामाजिक मीटिंग के जरिए उनको ऐसा नहीं करने को कहा गया इसके बावजूद भी ये लोग ईसाई धर्म में जाया करते थे। बार बार समझाइस के बाद उनके द्वारा ईसाई धर्म में जाने से जानकारी मिलने के बाद समाज के द्वारा उन्हें कड़ी चेतावनी दिया गया। डेरहा पटेल द्वारा सामाजिक मीटिंग में कहा गया कि मेरी मां का तबियत खराब रहता था जिसके कारण मैं जाता था।
दोबारा ऐसा नहीं करेंगे। जिसको गुंडरदेही के एक पत्रकार (संवाददाता) के द्वारा खबर प्रकाशन किया गया था। खबर प्रशासन के बाद आक्रोशित होकर डेरहा पटेल नीलम पटेल घनश्याम पटेल महेंद्रु पटेल व उनके परिवार के लगभग 10 से 15 की संख्या में महिला पुरुष के द्वारा इनको अकेले देखकर सभी लोग घेरकर जान से मारने की कोशिश करते हुए मारपीट किया गया।
बीच बचाव करने आए उनके पिताजी एवं बुआ के ऊपर भी इन लोगों ने हमला कर दिया जान बचाकर ये लोग वहां से भाग कर अपने घर आए तो बड़ी संख्या में ये लोग उनके घर तक आज इनको जान से मार देंगे कहते हुए गाली गलौज करते हुए उनके घर तक आ गए हैं। फिर वे लोग घर का दरवाजा बंद करके अंदर चले गए। तब जाकर इनकी जान बच पाई।
इनके खिलाफ पहले से गुण्डरदेही थाने में गाली गलौज व जान से मारने की धमकी को लेकर शिकायत दर्ज है
खबर प्रकाशन करने के बाद घनश्याम पटेल के द्वारा रास्ते में रोक कर घटना के एक दिन पहले ही पत्रकार से गाली गलौज और जान से मारने की धमकी देकर वाद विवाद किया गया था जिसका गुण्डरदेही थाने में शिकायत भी किया गया इसके बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा उन पर कोई कार्रवाई नहीं किया गया।
घटना होने से पहले थानेदार को किया गया ।
घटना होने से पहले गुण्डरदेही थानेदार को इसकी जानकारी दिया जा चुका था कि बड़ी संख्या में ये लोग एकत्र होकर गाली गलौज कर रहे हैं। लेकिन एक बार फोन उठाने के बाद थानेदार द्वारा ठीक है किसी को भेज रहा हु बोला गया।
लेकिन काफी समय होने के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची, आक्रोशित होकर ये लोग पत्रकार के ऊपर जानलेवा हमला कर दिए। फिर भी थानेदार को 6 से 7 बार फोन लगाया गया लेकिन थानेदार द्वारा फोन नहीं उठाया गया। आक्रोशित डेरहा पटेल नीलम पटेल घनश्याम पटेल एवं बड़ी संख्या में उनके परिवार के महिला पुरुष के द्वारा गाली गलौज करते हुए आज इनको जान से मार देंगे आज इनको छोड़ेंगे नहीं बोलते हुए मारपीट करते रहे। जिसकी रिपोर्ट गुण्डरदेही थाने में दर्ज कराया गया है।
पत्रकार (संवाददाता) के ऊपर जानलेवा हमला से जिले के पत्रकारो में काफी आक्रोश
देश में पत्रकार को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर सच्चाई को सबके सामने लाता है और शासन प्रशासन को नींद से जागने का काम करता है। ऐसे पत्रकार आज असुरक्षित है पत्रकार के ऊपर जान लेवा हमला यह कोई पहली घटना नहीं है इससे पहले भी खबर प्रशासन के बाद कई पत्रकारों पर जानलेवा हमला किया जा चुका है। इसके बावजूद शासन प्रशासन के द्वारा पत्रकारों की सुरक्षा पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा
है।
एक तरफ शासन प्रशासन पत्रकार सुरक्षा कानून की बात करती है लेकिन पत्रकारों को अपनी सुरक्षा के लिए दर-दर भटकना पड़ना पड़ रहा है उनको कई बार झूठे केस में भी फसाने का कई बार काम किया गया है। इसी के तहत गुण्डरदेही ब्लॉक के एक पत्रकार के ऊपर खबर प्रकाशन करने के बाद जानलेवा हमला करने से क्षेत्र के पत्रकारों में काफी आक्रोश है। ब्लॉक के पत्रकारों ने उचित कार्यवाही करने की मांग को लेकर थाने में ज्ञापन सौंपा है। और उचित कार्यवाही कर पत्रकार (संवाददाता) को इंसाफ दिलाने की बात कही गई है और आगे इस तरह से किसी भी पत्रकार साथी के ऊपर इस तरह से घटना ना हो इसके लिये शासन प्रशासन से पत्रकारों की सुरक्षा की मांग किये है।

Author: Deepak Mittal
