नई दिल्ली। दूरसंचार विभाग (DoT) ने एक व्यक्ति के नाम पर निर्धारित सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन रखने अथवा नया कनेक्शन लेने की कोशिश करने वाले ग्राहकों की पहचान और रोकथाम के लिए नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने यह निर्देश 17 अगस्त 2026 को जारी सर्कुलर के माध्यम से दिए हैं।
DoT के अनुसार, सामान्य व्यक्तिगत श्रेणी के ग्राहक देशभर के सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSPs) और लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्रों (LSAs) में अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन अपने नाम पर रख सकते हैं। जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर के LSAs में यह सीमा 6 कनेक्शन है।
नई व्यवस्था के तहत DoT द्वारा विकसित Digital Intelligence Platform (DIP) विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों से प्राप्त ग्राहक डेटा के आधार पर ऐसे ग्राहकों की पहचान करेगा, जिनके नाम पर निर्धारित सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन हैं। संबंधित ग्राहकों की जानकारी टेलीकॉम कंपनियों को DIP के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
23 अगस्त से फोटो की जानकारी उपलब्ध होगी
DoT के निर्देश के अनुसार 23 अगस्त 2026 से ऐसे ग्राहकों की फोटो की प्रतिनिधि छवि DIP पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिन्होंने अपने नाम पर मोबाइल कनेक्शन की निर्धारित अधिकतम सीमा पूरी कर ली है। टेलीकॉम कंपनियां इन छवियों को दैनिक आधार पर डाउनलोड कर ऐसे ग्राहकों की पहचान करेंगी


24 अगस्त से नया कनेक्शन देने पर रोक
24 अगस्त 2026 से टेलीकॉम कंपनियों को तकनीकी और संगठनात्मक उपायों के जरिए ऐसे ग्राहक की पहचान करनी होगी, जो निर्धारित सीमा पूरी करने के बाद नया मोबाइल कनेक्शन लेने का प्रयास करता है। ऐसे ग्राहक को बताया जाएगा कि उसके नाम पर अधिकतम अनुमत मोबाइल कनेक्शन पहले से मौजूद हैं और उसे नया कनेक्शन नहीं दिया जा सकता।
DoT ने यह भी स्पष्ट किया है कि शुरुआत में यह व्यवस्था अगले दिन की प्रक्रिया यानी d+1 आधार पर लागू की जा सकती है, लेकिन 30 नवंबर 2026 तक इसे मोबाइल कनेक्शन जारी करने और सक्रिय करने की प्रक्रिया में रियल-टाइम आधार पर एकीकृत करना होगा।
यदि संक्रमण अवधि में निर्धारित सीमा से अधिक कोई मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हो जाता है, तो संबंधित कनेक्शन को मामले का समाधान होने तक तत्काल निलंबित किया जा सकेगा।
DoT ने कहा है कि इन निर्देशों के क्रियान्वयन से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि व्यक्तिगत ग्राहक निर्धारित सीमा के भीतर ही मोबाइल कनेक्शन ले और उनका उपयोग करे। निर्देशों के क्रियान्वयन से जुड़े मामलों पर संबंधित Licensed Service Area (LSA) सक्षम प्राधिकारी के रूप में निर्णय लेगा।
Author: Deepak Mittal










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