प्लास्टिक और एल्युमिनियम फॉइल पर रोक; कागज, कांच और टिन को मंजूरी
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने पान मसाला की पैकेजिंग को लेकर नए नियम लागू किए हैं। नए प्रावधानों के तहत पान मसाला की पैकेजिंग में प्लास्टिक, एल्युमिनियम फॉइल और मेटलाइज्ड लेयर के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी।
सोमवार को प्रकाशित फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (पैकेजिंग) संशोधन नियम, 2026 के जरिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (पैकेजिंग) रेगुलेशन्स, 2018 में संशोधन किया गया है।
नए नियमों के मुताबिक पान मसाला की पैकेजिंग के लिए कागज, पेपरबोर्ड, सेलुलोज या अन्य प्राकृतिक स्रोतों से बनी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इन सामग्रियों का पूरी तरह प्लास्टिक-मुक्त होना जरूरी होगा। पैकेजिंग में पॉलीप्रोपीलीन, पॉलीएस्टर, पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) समेत किसी भी तरह के सिंथेटिक पॉलिमर, कोपॉलीमर या लेमिनेट के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी।
FSSAI ने पान मसाला की पैकेजिंग के लिए टिन और कांच के कंटेनरों को भी अनुमत विकल्पों में शामिल किया है। इसके अलावा, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत बनाए गए प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम, 2016 के कुछ प्रावधान भी पान मसाला की पैकेजिंग पर लागू होंगे।
बताया गया है कि FSSAI ने इस संशोधन का ड्राफ्ट पहली बार 28 अप्रैल 2026 को प्रकाशित किया था। इसमें संबंधित पक्षों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद अंतिम संशोधन जारी किया गया।
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि यह अधिसूचना पान मसाला पर प्रतिबंध लगाने से संबंधित नहीं है। इसका उद्देश्य केवल पान मसाला की पैकेजिंग के लिए अनुमत सामग्री को निर्धारित करना है। नए नियमों के तहत यह तय किया गया है कि पान मसाला को किन सामग्रियों में पैक किया जा सकता है।
Author: Deepak Mittal










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