छत्तीसगढ़ के बस्तर में कभी खौफ का दूसरा नाम रहा नक्सली कमांडर पापाराव अपने एक दर्जन से ज्यादा साथियों के साथ बीजापुर के कुटरू थाने पहुंचकर पुलिस के सामने सरेंडर किया। गौरतलब है कि यह सरेंडर ऐसे वक्त में हुआ है जब केंद्र सरकार द्वारा नक्सलवाद खात्मे के लिए तय की गई 31 मार्च 2026 की डेडलाइन में महज एक हफ्ता बचा है।
पापाराव सुबह-सुबह ही अपने दस्ते के साथ आत्मसमर्पण के लिए निकल पड़ा था। दरअसल, डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने सुबह ही इस बात के संकेत दे दिए थे कि पापाराव पुनर्वास योजना से प्रभावित है और मुख्यधारा में लौटना चाहता है।
पापाराव के साथ आए 17 नक्सलियों ने अपने आधुनिक हथियार पुलिस को सौंप दिए हैं।
पापाराव बस्तर में सक्रिय नक्सलियों का आखिरी सबसे बड़ा कमांडर माना जाता था। इसके सरेंडर के बाद अब संगठन में कोई बड़ा चेहरा नहीं बचा है।
Author: Deepak Mittal








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