वॉशिंगटन: The White House ने सोमवार को राष्ट्रपति Donald Trump का 2026 का व्यापार नीति एजेंडा पेश किया। “अमेरिका वापस आ गया है” शीर्षक के साथ जारी इस दस्तावेज में टैरिफ को और सख्त करने, व्यापार कानूनों को कड़ाई से लागू करने और प्रमुख समझौतों की समीक्षा का ऐलान किया गया है।
व्यापार घाटा और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस
एजेंडे में दावा किया गया है कि अमेरिका इस समय इतिहास के सबसे बड़े व्यापार घाटे से जूझ रहा है। हाइपर-ग्लोबलाइजेशन के दौर में करीब 50 लाख मैन्युफैक्चरिंग नौकरियां विदेश चली गईं और 70 हजार से अधिक कारखाने बंद हो गए। दस्तावेज के मुताबिक, 2020 से लेकर Joe Biden प्रशासन के अंत तक वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार घाटा 40 प्रतिशत तक बढ़ गया।
प्रशासन ने टैरिफ-आधारित रणनीति को शुरुआती सफलता का श्रेय देते हुए कहा कि अप्रैल 2025 से दिसंबर तक हर महीने साल-दर-साल व्यापार घाटे में कमी आई। चीन के साथ व्यापार घाटा 2025 में 32 प्रतिशत घटा और वर्ष 2000 के बाद पहली बार चीन अमेरिका का सबसे बड़ा घाटा साझेदार नहीं रहा।
निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
एजेंडे के अनुसार, एग्रीमेंट ऑन रेसिप्रोकल ट्रेड (ART) कार्यक्रम शुरू होने के बाद वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात 199.8 अरब डॉलर (6.2 प्रतिशत) बढ़कर रिकॉर्ड 3.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया। 2025 में पूंजीगत वस्तुओं के निर्यात में 9.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
2026 की छह प्राथमिकताएं
2026 के लिए प्रशासन ने छह प्रमुख प्राथमिकताएं तय की हैं:
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एग्रीमेंट ऑन रेसिप्रोकल ट्रेड (ART) कार्यक्रम जारी रखना
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व्यापार कानूनों का सख्त प्रवर्तन
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महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करना
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United States–Mexico–Canada Agreement (USMCA) की समीक्षा
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चीन के साथ संतुलित व्यापार प्रबंधन
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अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अमेरिकी हितों को आगे बढ़ाना
भारत समेत कई देशों के साथ ढांचा समझौते
ART कार्यक्रम के तहत अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कंबोडिया, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, इंडोनेशिया, मलेशिया और ताइवान के साथ समझौते किए हैं। वहीं भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और European Union सहित अन्य साझेदारों के साथ नए ढांचा समझौतों की घोषणा की गई है।
एजेंडे में दावा किया गया है कि कई व्यापारिक साझेदार अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं पर लगभग सभी टैरिफ समाप्त कर रहे हैं, जिनमें भारत (औद्योगिक वस्तुओं पर 99 प्रतिशत) और यूरोपीय संघ (100 प्रतिशत) शामिल हैं। हालांकि अमेरिका “संशोधित टैरिफ” बनाए रखेगा।
चीन के साथ नई संतुलित व्यवस्था
दस्तावेज में कहा गया है कि 2001 में World Trade Organization (WTO) में चीन के शामिल होने के बाद अमेरिका ने लाखों नौकरियां गंवाईं। हालांकि अमेरिका चीन के साथ व्यापार जारी रखना चाहता है, लेकिन पारस्परिकता और संतुलन के आधार पर नई व्यवस्थाएं चाहता है। अक्टूबर 2025 में बुसान में ट्रंप और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुए समझौते को इसी दिशा में पहला कदम बताया गया है।
औद्योगिक आधार को मजबूत करने पर जोर
एजेंडे में रक्षा मंत्री Pete Hegseth का हवाला देते हुए कहा गया है कि अमेरिका अपने औद्योगिक आधार को युद्धकालीन जरूरतों के अनुरूप ढालेगा और समान विचारधारा वाले देशों के साथ महत्वपूर्ण खनिजों पर नए व्यापार समझौते करेगा।
उत्तरी अमेरिका में 2026 में USMCA की संयुक्त समीक्षा की जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिया है कि नवीनीकरण की सिफारिश तभी होगी, जब लंबित विवादों का समाधान हो सके।
एजेंडे के निष्कर्ष में पूर्व राष्ट्रपति Abraham Lincoln के कथन का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए “नए सिरे से सोचने और नए सिरे से काम करने” की आवश्यकता है।
Author: Deepak Mittal










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