Israel Iran War: Israel का Iran पर बड़ा हमला, युद्ध में United States की एंट्री

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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजरायल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ “प्रीवेंटीव अटैक” यानी एहतियाती सैन्य कार्रवाई शुरू करने का ऐलान किया है। इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने शनिवार सुबह इस ऑपरेशन की पुष्टि की। इसके बाद इजरायली सेना ने देशभर में हाई अलर्ट जारी कर सायरन बजाए और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी।

तेहरान में कई धमाके

ईरान की राजधानी Tehran में शनिवार तड़के कई जोरदार धमाकों की खबर सामने आई। स्थानीय मीडिया और चश्मदीदों के मुताबिक, शहर के मध्य क्षेत्र में कम से कम तीन विस्फोट सुने गए, जिसके बाद दो और धमाकों की सूचना मिली। सरकारी मीडिया ने उत्तरी तेहरान के सैय्यद खानदान इलाके में भी धमाकों की आशंका जताई है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने अब तक हमलों की आधिकारिक पुष्टि या नुकसान का विस्तृत ब्योरा जारी नहीं किया है।

30 से अधिक ठिकानों पर हमले का दावा

सूत्रों के अनुसार, ईरान में करीब 30 स्थानों को निशाना बनाया गया। शुरुआती रिपोर्ट में खुफिया एजेंसी की इमारतों, एयरपोर्ट, राष्ट्रपति भवन और कुछ रिहायशी इलाकों पर हमले की बात कही जा रही है।

दूसरी ओर, इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने पूरे देश में एडवांस अलर्ट जारी किया है। मोबाइल फोन पर आपात संदेश भेजकर लोगों को घरों या बंकरों में रहने को कहा गया है। स्कूल-कॉलेज और दफ्तर बंद कर दिए गए हैं, जबकि सार्वजनिक समारोहों पर रोक लगा दी गई है।

इमरजेंसी का ऐलान

रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने राष्ट्रीय स्तर पर आपातकाल की घोषणा करते हुए चेतावनी दी कि ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका बनी हुई है। नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

पहले भी हो चुका है सैन्य टकराव

गौरतलब है कि जून में इजरायल और ईरान के बीच 12 दिनों तक हवाई संघर्ष हुआ था। उस दौरान अमेरिका ने पहली बार सीधे तौर पर ईरान के परमाणु ठिकानों के खिलाफ इजरायली अभियान में हिस्सा लिया था। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कतर स्थित अल उदैद एयर बेस पर मिसाइलें दागी थीं, जो मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा माना जाता है।

परमाणु कार्यक्रम पर बढ़ा विवाद

फरवरी में ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर वार्ता दोबारा शुरू हुई थी। इजरायल का कहना है कि किसी भी समझौते में तेहरान की परमाणु संरचना को पूरी तरह ध्वस्त करना शामिल होना चाहिए। वहीं ईरान प्रतिबंधों में राहत के बदले अपने परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं स्वीकार करने को तैयार है, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को वार्ता से जोड़ने से इनकार करता है।

पश्चिमी देशों का आरोप है कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है और भविष्य में परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता विकसित कर सकता है। हालांकि, तेहरान लगातार परमाणु बम बनाने की मंशा से इनकार करता रहा है।

दुनिया की नजर ईरान की प्रतिक्रिया पर

ताजा हमलों के बाद कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं कमजोर पड़ती दिख रही हैं। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि ईरान इस कार्रवाई का क्या जवाब देता है और क्या यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।

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Author: Deepak Mittal

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