रायपुर: नक्सली लीडर देवजी के आत्मसमर्पण को राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कहा कि पिछले दो वर्षों से सुरक्षा बलों को लगातार सफलता मिल रही है। उन्होंने देवजी और संग्राम के समर्पण को महत्वपूर्ण उपलब्धि करार देते हुए कहा कि इन घटनाओं से स्पष्ट है कि नक्सलियों की कमर टूट चुकी है और प्रदेश में शांति व विकास की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
बालौदाबाजार रवाना होने से पहले पत्रकारों से चर्चा में मुख्यमंत्री साय ने सुरक्षा बलों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार के समन्वित प्रयास, आधुनिक रणनीतियां और जमीनी स्तर पर की गई कार्रवाइयों का असर अब दिखने लगा है। उनके अनुसार, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है, जिससे कई नक्सली संगठन कमजोर पड़े हैं और आत्मसमर्पण की प्रवृत्ति बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में और भी सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
अपने दौरे के उद्देश्य पर उन्होंने बताया कि वे गिरौदपुरी स्थित Guru Ghasidas की तपोस्थली में आयोजित मेले के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थल प्रदेश की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। वे वहां पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली, शांति और समृद्धि की कामना करेंगे। उन्होंने मेले को सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
धर्मांतरण को लेकर प्रदेश में जारी राजनीतिक बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार गंभीर है और बजट सत्र में विधेयक लाया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य सामाजिक संतुलन बनाए रखना और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। “थोड़ा इंतजार करिए,” कहते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि विस्तृत जानकारी उचित समय पर साझा की जाएगी।
मुख्यमंत्री के इस बयान को प्रदेश की राजनीति और सुरक्षा परिदृश्य के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। जहां नक्सलियों के आत्मसमर्पण की घटनाएं सुरक्षा बलों के लिए मनोबल बढ़ाने वाली हैं, वहीं धर्मांतरण विधेयक को लेकर संभावित चर्चा राजनीतिक हलकों में उत्सुकता का विषय बनी हुई है।
Author: Deepak Mittal










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