मुंबई: आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत महाराष्ट्र एटीएस ने राज्य के अहिल्यानगर और यवतमाल जिलों में 21 स्थानों पर समन्वित छापेमारी की है। अधिकारियों के अनुसार, युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और आतंकवादी संगठनों से संपर्क स्थापित करने के कथित प्रयासों की सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
एटीएस के मुताबिक, शनिवार सुबह से यवतमाल जिले के पुसाद और उमरखेड़ कस्बों सहित कई स्थानों पर तलाशी अभियान जारी है। वहीं अहिल्यानगर जिले में भी एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की गई।
एजेंसी द्वारा जारी बयान में कहा गया कि यवतमाल के पुसाद और उमरखेड़ में 14 स्थानों तथा अहिल्यानगर में 7 स्थानों पर कार्रवाई की गई। बाद में जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि 14 और 15 फरवरी 2026 के बीच वारंट के आधार पर अहिल्यानगर जिले में कुल 12 स्थानों पर तलाशी ली गई।
इस दौरान यवतमाल जिले में 14 संदिग्धों से गहन पूछताछ की जा रही है। तलाशी अभियान के दौरान कुछ तलवारें जब्त की गईं। इसके अलावा आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सीसीटीवी सिस्टम की जांच और जब्ती की गई है।
एटीएस ने स्पष्ट किया कि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और संदिग्धों से विस्तृत पूछताछ जारी है। अधिकारियों ने बताया कि पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत और शांतिपूर्ण तरीके से की गई।
जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि संभावित चरमपंथी नेटवर्क और प्रतिबंधित संगठनों के साथ डिजिटल संपर्क की जांच की जा सके। एटीएस ने जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए संदिग्धों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
अधिकारियों का कहना है कि यह जांच की जा रही है कि क्या क्षेत्र में कोई संगठित मॉड्यूल विकसित किया जा रहा था और क्या संदिग्ध राज्य के बाहर के संचालकों के संपर्क में थे। मामले में आगे की जांच जारी है।
Author: Deepak Mittal









