नई दिल्ली: देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी एयरटेल ने बुधवार को OTP (वन-टाइम पासवर्ड) से जुड़े बैंकिंग फ्रॉड को रोकने के लिए नया AI-इनेबल्ड फ्रॉड अलर्ट सिस्टम लॉन्च किया है। डिजिटल ठगी और साइबर स्कैम के बढ़ते मामलों के बीच कंपनी का यह कदम यूजर्स की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
कंपनी के मुताबिक, यह नया सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक पर आधारित है, जो संभावित जोखिम भरी कॉल और मैसेज की पहचान कर यूजर्स को तुरंत अलर्ट भेजेगा। इसका उद्देश्य OTP से जुड़े बैंकिंग फ्रॉड को समय रहते रोकना और ग्राहकों के बैंक अकाउंट व डिजिटल ट्रांजैक्शन को सुरक्षित रखना है।
पहले हरियाणा में शुरू, जल्द देशभर में होगा लागू
एयरटेल ने जानकारी दी है कि इस फीचर को फिलहाल हरियाणा सर्कल में लाइव किया गया है। अगले दो हफ्तों के भीतर इसे देशभर के सभी एयरटेल यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी का दावा है कि यूजर्स को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए किसी अतिरिक्त ऐप डाउनलोड या विशेष सेटिंग करने की जरूरत नहीं होगी। अलर्ट सीधे उनके मोबाइल नंबर पर प्राप्त होगा।
पहले भी लॉन्च कर चुका है AI स्पैम डिटेक्शन
एयरटेल इससे पहले कॉल और SMS के लिए AI स्पैम डिटेक्शन सॉल्यूशन पेश कर चुका है। सितंबर 2024 में इसकी शुरुआत की गई थी, जिसे मई 2025 में ईमेल और व्हाट्सऐप फ्रॉड डिटेक्शन फीचर के साथ अपडेट किया गया। अब कंपनी ने OTP-आधारित बैंकिंग स्कैम पर विशेष फोकस करते हुए इसे और उन्नत बनाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम जैसे मामलों में भारतीयों को हुए भारी आर्थिक नुकसान का जिक्र किया था। अदालत के अनुसार, ऐसे फ्रॉड से करीब 54,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए टेलीकॉम और टेक कंपनियां सुरक्षा उपायों को मजबूत कर रही हैं।
कैसे काम करेगा सिस्टम?
विशेषज्ञों के मुताबिक, OTP फ्रॉड में ठग यूजर्स के मोबाइल नंबर और बैंकिंग डिटेल्स का दुरुपयोग कर उनके अकाउंट तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। एयरटेल का नया AI सिस्टम इनकमिंग कॉल और मैसेज के पैटर्न व डेटा का विश्लेषण कर संभावित स्कैम की पहचान करता है। यदि किसी कॉल या मैसेज में फ्रॉड की आशंका होती है, तो सिस्टम तुरंत यूजर को चेतावनी भेज देता है।
डिजिटल सुरक्षा की दिशा में अहम पहल
डिजिटल ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में AI आधारित यह फ्रॉड अलर्ट सिस्टम यूजर्स को समय रहते सतर्क कर उनके पैसे और निजी डेटा की सुरक्षा में मदद करेगा।
एयरटेल का यह कदम डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी के प्रभावी इस्तेमाल का उदाहरण माना जा रहा है और यह लाखों ग्राहकों की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
Author: Deepak Mittal









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