लोकसभा में राहुल गांधी ने भारत की वैश्विक स्थिति पर उठाए सवाल, डेटा और ऊर्जा सुरक्षा पर दिया जोर

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को संसद में भारत की वैश्विक स्थिति, भारत-अमेरिका संबंधों और मौजूदा जियोपॉलिटिकल हालात को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। यूनियन बजट पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि यदि उनकी सरकार होती तो अमेरिका के साथ किसी भी समझौते को “बराबरी की शर्तों” पर किया जाता और भारत के साथ “पाकिस्तान के बराबर” व्यवहार नहीं होने दिया जाता।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में “क्रिएटिव फ्रीडम” की मांग करते हुए राजनीतिक रणनीति को समझाने के लिए मार्शल आर्ट्स का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “मार्शल आर्ट्स की नींव ग्रिप से शुरू होती है। ग्रिप के बिना कुछ नहीं होता। पहले ग्रिप, फिर चोक और अंत में टैप। राजनीति में भी पकड़ मजबूत होनी चाहिए, लेकिन वह नजर नहीं आती।”

इकोनॉमिक सर्वे का हवाला देते हुए गांधी ने कहा कि दुनिया स्थिरता से अस्थिरता की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के दबदबे को चीन, रूस और अन्य शक्तियां चुनौती दे रही हैं। “हम ऐसे दौर में प्रवेश कर रहे हैं जहां जियोपॉलिटिकल टकराव बढ़ रहा है। यूक्रेन, गाजा और मिडिल ईस्ट के हालात इसका उदाहरण हैं,” उन्होंने कहा।

कांग्रेस नेता ने अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व को चुनौती मिलने की बात से सहमति जताई और कहा कि दुनिया एकध्रुवीय व्यवस्था से बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा के महत्व पर जोर देते हुए राहुल गांधी ने कहा, “AI के लिए पेट्रोल डेटा है। अगर आपके पास डेटा नहीं है, तो AI का कोई मतलब नहीं।” उन्होंने कहा कि भारत और चीन दुनिया के दो सबसे बड़े डेटा पूल हैं और भारत को अपनी जनसंख्या को रणनीतिक ताकत के रूप में देखना चाहिए।

गांधी ने कहा कि भारत की तीन मुख्य ताकतें—लोग, किसान और ऊर्जा सुरक्षा—हैं। उनका आरोप था कि यूनियन बजट इन क्षेत्रों को पहचानता तो है, लेकिन ठोस समाधान पेश नहीं करता।

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भारतीय नागरिकों का डेटा एक महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति बन गया है और भारत को बातचीत की मेज पर अपनी इस ताकत को समझना होगा।

राहुल गांधी ने कहा कि भारत को तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए दीर्घकालिक रणनीति अपनानी होगी।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
S M T W T F S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *