नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर AI और डीपफेक कंटेंट के बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए नियमों को और सख्त कर दिया है। अब अश्लील, आपत्तिजनक और गुमराह करने वाला AI या डीपफेक कंटेंट शिकायत मिलने के बाद तीन घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
सरकार ने IT (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स 2021 में संशोधन करते हुए नया नोटिफिकेशन जारी किया है। इससे पहले सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे कंटेंट हटाने के लिए 36 घंटे का समय मिलता था, जिसे अब घटाकर 3 घंटे कर दिया गया है। तय समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित प्लेटफॉर्म के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जा सकेंगे।
नए नियमों के तहत X (ट्विटर), फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर AI से बने, डीपफेक, बदले हुए वीडियो, इमेज और ऑडियो को तीन घंटे के भीतर हटाना होगा। चाहे वह ऑडियो हो, विजुअल हो या ऑडियो-विजुअल कंटेंट—सभी पर यह नियम लागू होगा।
हालांकि, एजुकेशनल, क्रिएटिव, डिजाइन और जानकारी देने वाले AI कंटेंट को कुछ हद तक छूट दी गई है, लेकिन शर्त यह है कि अगर कोई कंटेंट AI से बनाया गया है या एडिट किया गया है, तो उसे स्पष्ट रूप से AI-जनरेटेड या फेक के रूप में मार्क करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, कंटेंट अपलोड करने से पहले यूज़र को एक डिक्लेरेशन भी देना होगा।
सरकार का मानना है कि इससे सोशल मीडिया पर गलत प्रोपेगैंडा, अफवाह और भ्रामक जानकारी फैलाने पर रोक लगेगी। इन नियमों को लागू करने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर तकनीकी बदलाव करने होंगे और खास टूल्स विकसित करने होंगे।
केंद्र सरकार का यह नया फैसला इस महीने की 20 तारीख से लागू होगा। सरकार का कहना है कि मौजूदा समय में सोशल मीडिया पर सच और झूठ में फर्क करना मुश्किल होता जा रहा है, ऐसे में यह कानून टेक्नोलॉजी के गलत इस्तेमाल पर लगाम लगाने में अहम भूमिका निभाएगा।
Author: Deepak Mittal









