नई दिल्ली/पटना: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार (6 जनवरी) देर रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पटना स्थित उनके आवास पर की गई। सांसद की मीडिया टीम द्वारा जारी वीडियो में दावा किया गया है कि पुलिस कुर्की-जब्ती के आदेश के तहत उनके घर पहुंची थी। गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।
दरअसल, पटना की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने दो दिन पहले सांसद पप्पू यादव समेत तीन लोगों के खिलाफ कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया था। मामला धोखाधड़ी के जरिए मकान किराए पर लेने से जुड़ा है, जो करीब 31 साल पुराना बताया जा रहा है। अदालत ने यह आदेश लंबे समय से आरोपियों के पेश न होने के कारण जारी किया था।
1995 का है पूरा मामला
यह मामला वर्ष 1995 से जुड़ा है। पटना के गर्दनीबाग थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि उनके मकान को धोखे से किराए पर लिया गया। मकान किराए पर देते समय यह जानकारी छिपाई गई थी कि उसका उपयोग सांसद कार्यालय के रूप में किया जाएगा। बाद में जब मकान मालिक को इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने इसे धोखाधड़ी बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
कोर्ट पहले ही जारी कर चुकी थी वारंट
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि आरोपी लंबे समय से न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे। इसके चलते पहले गिरफ्तारी वारंट और बाद में इश्तेहार जारी किया गया। इसके बावजूद हाजिरी नहीं देने पर अदालत ने कुर्की-जब्ती का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा था कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह जनप्रतिनिधि ही क्यों न हो।
गिरफ्तारी के दौरान बोले पप्पू यादव
गिरफ्तारी के दौरान सांसद पप्पू यादव ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा,
“पुलिस मुझे गिरफ्तार करने पहुंची है। मुझे मारने की साजिश है। मैं रात में कहीं नहीं जाऊंगा। मैंने अपने वकील को बुलाया है। सुबह मुझे कोर्ट ले चलिए, कोर्ट जहां भेजेगा, मैं वहां जाऊंगा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध के तहत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही कहा कि कोरोना काल के दौरान भी उनके साथ इसी तरह का व्यवहार किया गया था।
‘एक सांसद की जान बिहार में खतरे में’
पप्पू यादव ने आगे कहा,
“ये लोग मुझे मरवा भी सकते हैं। यहां के एसपी पर भरोसा नहीं किया जा सकता। जहानाबाद की बच्ची के मामले में मैं लड़ाई लड़ रहा हूं, इसलिए मुझसे डर है। मेरे साथ लगातार टॉर्चर किया जा रहा है। यह सब बदले की भावना से हो रहा है।”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब कोर्ट का आदेश केवल कुर्की का था, तो बिना वारंट के पुलिस उनके आवास पर कैसे पहुंची।
सियासत गरम, प्रतिक्रियाओं का इंतजार
सांसद की गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। समर्थकों और विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कोर्ट के आदेश के तहत की गई है और आगे की प्रक्रिया कानून के अनुसार अपनाई जाएगी।
Author: Deepak Mittal









