नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण भी टल गया, जो उन्हें आज शाम 5 बजे धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान देना था।
दिनभर सदन में बार-बार हंगामे की स्थिति बनी रही। हालात को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पहले कार्यवाही 12 बजे, फिर 2 बजे और उसके बाद शाम 5 बजे तक के लिए स्थगित की, लेकिन शोर-शराबा थमने के बाद अंततः सदन को गुरुवार तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
इधर, संसद परिसर में भी सियासी बयानबाजी तेज रही। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से की गई टिप्पणी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी शारीरिक रूप से हमला करने वाले थे।
समाचार एजेंसी से बातचीत में रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, “आज तो कोई गली का गुंडा भी ऐसा नहीं करेगा जैसा राहुल गांधी ने किया। जब मैंने हाथ नहीं मिलाया, तो वह मुझ पर हमला करने ही वाले थे। केसी वेणुगोपाल और कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने उन्हें पकड़ा, नहीं तो पता नहीं क्या हो जाता।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर राहुल गांधी हमला करने आते तो मेरे हाथ भी बंधे हुए नहीं होते।” बिट्टू ने दावा किया कि बहस के बाद वे अंदर चले गए, लेकिन सवाल उठाया कि इस तरह के शब्दों और व्यवहार का क्या मतलब है।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सम्मान दिया है, जिससे राहुल गांधी को तकलीफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नाराजगी राहुल गांधी के शब्दों और व्यवहार में साफ दिखाई दी।
सदन के भीतर और बाहर जारी इस सियासी टकराव के चलते संसद का माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ है।
Author: Deepak Mittal










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