गुवाहाटी: असम में ज़मीन धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में मुख्यमंत्री के स्पेशल विजिलेंस सेल ने 2019 बैच की असम सिविल सर्विस (ACS) अधिकारी नूपुर बोरा को मंगलवार को दोबारा गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरफ्तारी बारपेटा जिले के जिला आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त की शिकायत के आधार पर दर्ज नए मामले में की गई है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीएम विजिलेंस ने नूपुर बोरा के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की। एफआईआर में आरोप है कि अधिकारी ने अनिवार्य रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाओं को दरकिनार कर 50 से अधिक लोगों के लिए अवैध रूप से भूमि म्यूटेशन की सुविधा दी। जांच में भूमि रिकॉर्ड में गैर-कानूनी बदलाव और स्थापित नियमों के उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं।
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि बोरा के कार्यकाल के दौरान हुए भूमि लेन-देन की विस्तृत जांच में कथित अनियमितताएं उजागर हुईं। जांच के तहत बारपेटा जिले में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां विभिन्न व्यक्तियों से जुड़े करीब 70 भूमि दस्तावेज जब्त किए गए। इन दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, जब्त रिकॉर्ड में विसंगतियां पाए जाने के बाद बोरा को हिरासत में लिया गया, जिससे उनके खिलाफ मामला और मजबूत हुआ है। उल्लेखनीय है कि यह पहली बार नहीं है जब नूपुर बोरा विजिलेंस कार्रवाई के दायरे में आई हैं। सितंबर 2025 में, उन्हें कामरूप जिले के गोरोइमारी में सर्कल ऑफिसर के रूप में कार्यरत रहते हुए आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान गुवाहाटी और बारपेटा स्थित उनके आवासों पर छापेमारी में नकदी और गहने बरामद किए गए थे।
सीएम विजिलेंस सेल ने बताया कि भूमि म्यूटेशन घोटाले में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है।
Author: Deepak Mittal










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