नई दिल्ली: फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (FIEO) ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को ऐतिहासिक करार देते हुए इसे ‘सभी डील्स का जनक’ बताया है। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारत में बने सभी उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई है, जिसे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला कदम माना जा रहा है।
FIEO के अध्यक्ष एस.सी. रल्हन ने इस डेवलपमेंट को भारतीय निर्यातकों के लिए मील का पत्थर और गेम-चेंजर बताया। उन्होंने कहा कि टैरिफ में कटौती से अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और सभी क्षेत्रों में निर्यात को मजबूत बढ़ावा मिलेगा।
रल्हन ने कहा, “भारत-अमेरिका ट्रेड डील का फाइनल होना और भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ का 18 प्रतिशत तक कम होना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक व आर्थिक साझेदारी को दर्शाता है और भारतीय निर्यातकों, खासकर MSME सेक्टर के लिए बड़े अवसर खोलता है।”
उन्होंने बताया कि पहले लगभग 50 प्रतिशत तक रहने वाले टैरिफ का 18 प्रतिशत पर आना अन्य एशियाई देशों की तुलना में भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धा को काफी मजबूत करेगा। इससे उन ऑर्डर्स की भी बड़े पैमाने पर वापसी की उम्मीद है, जो पहले रोके गए थे।
विशेष रूप से कपड़ा, टेक्सटाइल, चमड़ा और जूते जैसे श्रम-प्रधान सेक्टर्स को इसका सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है, क्योंकि वैश्विक खरीदार आमतौर पर दिसंबर तक गर्मियों के मौसम की सोर्सिंग को अंतिम रूप दे देते हैं। बेहतर कीमत समानता, टैरिफ में स्पष्टता और भारतीय सप्लायर्स पर बढ़ते भरोसे के चलते आने वाले महीनों में इन सेक्टर्स में ऑर्डर्स और निर्यात में तेज उछाल की उम्मीद जताई जा रही है।
Author: Deepak Mittal










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