पटना/बेगूसराय: लैंड फॉर जॉब मामले में फंसे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कड़ा बयान दिया है। बेगूसराय में मीडिया से बातचीत के दौरान गिरिराज सिंह ने कहा कि किसी को अदालत द्वारा बुलाया जाना पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया है और इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती।
गिरिराज सिंह ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। लालू यादव ने जो किया है, उसी के अनुसार उन्हें उसका परिणाम भी भुगतना होगा। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है।
दरअसल, लैंड फॉर जॉब मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने राजद सुप्रीमो लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव को 1 से 25 फरवरी के बीच अदालत में पेश होने की अनुमति दी है। इस अवधि में अदालत औपचारिक रूप से आरोप तय करेगी।
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान राजद सांसद मीसा भारती और उनकी बहन हेमा यादव व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हुईं। दोनों ने कोर्ट के समक्ष कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गलत और निराधार हैं। उन्होंने कानून के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए मामले में पूरी मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही।
गौरतलब है कि दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 9 जनवरी 2026 को इस मामले में लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती और हेमा यादव समेत कुल 46 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। वहीं, सबूतों के अभाव में 52 आरोपियों को विशेष जज विशाल गोगने की अदालत ने बरी कर दिया था।
मामला लंबे समय से अदालत में विचाराधीन है। ऐसे में अब सभी की नजरें अगली सुनवाई और कोर्ट के आगामी आदेश पर टिकी हुई हैं।
Author: Deepak Mittal









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